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फोन नंबर डिलीट कर देहरादून में कंपनी से निकाला, चार दिन से भूखे-प्यासे रेलवे ट्रैक के किनारे महाराजगंज निकल पड़े मजदूर, बिजनौर में कराए क्वारंटीन

उत्तरांखड के देहरादून में च्यवनप्रास बनाने वाली एक कंपनी में काम करने वाले मजदूूरों को लॉकडाउन लागू होने के बाद न तो मजदूरी दी और न ही आश्रय दिया। यहां तक किउनके फोन लेकर कंपनी के अधिकारियों ने उनके सभी नंबरों को डिलीट कर दिया और कंपनी से निकाल दिया। मजदूर किसी तरह से रात में वहां से घर के लिए निकले। यूपी की पुलिस के प्रयास की सराहना करते हुए इन मजदूरों ने कहा कि रास्ते में पुलिस ने उनकी चेकिंग तो की। चेकिंग में पुलिस ने उन्हें यही कहा कि वह किसी तरह से ट्रक आदि पकड़ कर अपने घरों को निकल जाएं। ट्रक तो नहीं मिला। वह रेल की पटरी पटरी अपने गृह जनपद महाराजगंज जाने का प्रयास कर रहे थे तो धामपुर पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया और मेडिकल परीक्षण कराकर उन्हें यहां आइसोलेट कर दिया। महराज गंज के लालपुरा निवासी करन चौरसिया, अनुज कुमार, अनिल कुमार, मनीष कुमार आदि ने बताया कि वह देहरादून में नौकरी करने पहले भी गए थे। वहां पर उन्हें प्रति मजदूर 15 हजार का वेतन मिल रहा था। उनका काम च्यवन प्रास की पैकिंग करने का था।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Apr 28, 2020, 17:04 IST
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