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कांग्रेस में महिलाएं... चुनावी मिशन 40, संगठन में सिर्फ 11 फीसदी

महिला मतदाताओं को साधने के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने आगामी विधानसभा चुनाव में 40 फीसदी महिलाओं को टिकट देने की घोषणा की है। इससे पहले यह 35 फीसदी था, लेकिन महानगर उत्तर, दक्षिण और ग्रामीण इकाई कभी भी इस लक्ष्य के आसपास नहीं फटक पाई। वर्तमान में महानगर की तीनों इकाइयों में कुल 142 पदाधिकारी हैं। इनमें महिलाओं की संख्या महज 16 है, जो कुल संख्या का 11.26 फीसदी ही है। महानगर की तीनों इकाइयों में पार्टी की स्थिति को देखते हुए भविष्य में नया लक्ष्य तो दूर, पुराना हासिल हो पाना ही दूर की कौड़ी नजर आ रहा है। पार्टी से जुड़े कुछ नेताओं ने बताया कि डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार के दौरान भी संगठन के साथ प्रत्याशी चयन में महिलाओं को 35 फीसदी सीटें देने का लक्ष्य रखा गया था। उम्मीदवारी तो छोड़िए, कभी संगठन में भी इस लक्ष्य को हासिल नहीं किया जा सका। पार्टी के संगठन में महिलाओं के प्रतिनिधित्व की स्थिति आज भी वही है, जो दो-तीन दशक पहले थी। 80 के दशक के बाद न महिला सांसद, न विधायक महानगर कांग्रेस में महिला सांसद और विधायक गुजरे जमाने की बात हो गई है। 80 के दशक में तारा अग्रवाल महानगर में पार्टी की पहली महिला विधायक निर्वाचित हुई थीं। इनके अलावा कल्याणपुर से पुष्पा तलवार, कानपुर देहात से ब्रजरानी मिश्रा विधायक रहीं, जबकि सुशीला रोहतगी सांसद और विधायक भी रहीं। इसके बाद से महानगर में कांग्रेस से महिला जनप्रतिनिधि इतिहास की बात हो गईं। यह है महानगर कांग्रेस का हाल - कांग्रेस के मुख्य संगठन में ऊषा रानी कोरी पिछले वर्ष नगर ग्रामीण इकाई की जिलाध्यक्ष बनाई गई थीं। उन्हें भी कुछ समय बाद ही हटा दिया गया। इनके अलावा महानगर में कभी किसी महिला को जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी नहीं मिली। - उत्तर जिला इकाई में 51 पदाधिकारी हैं, जिसमें महज चार महिला पदाधिकारी हैं। - दक्षिण जिला इकाई में 50 पदाधिकारी हैं। इसमें भी महज छह महिला पदाधिकारी हैं। - ग्रामीण जिला इकाई में 41 पदाधिकारी हैं, जिसमें महिलाओं की संख्या छह है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Oct 20, 2021, 00:31 IST
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महिला मतदाताओं को साधने के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने आगामी विधानसभा चुनाव में 40 फीसदी महिलाओं को टिकट देने की घोषणा की है।