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Eknath Shinde: जब 1989 के दंगों में झुलस रहा था मुंबई, एकनाथ शिंदे ने यूं बचाई थी एक बच्चे की जान

महाराष्ट्र में करीब 10 दिन से जारी सियासी उठापटक का पटाक्षेप हो चुका है। शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले चुके हैं, जबकि देवेंद्र फडणवीस ने उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। शपथ ग्रहण के दौरान एकनाथ शिंदे ने राज्य के लोगों की रक्षा करने का वादा किया, जिस पर उनके पड़ोसी भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि शिंदे ने हमेशा रक्षक की भूमिका अदा की है। लोगों ने शिंदे से जुड़ा वह किस्सा भी सुनाया, जिसमें उन्होंने दंगों से झुलस रही मुंबई में एक मासूम की जान बचाई थी। लोगों ने सुनाया 35 साल पुराना किस्सा मीडिया से बातचीत के दौरान एकनाथ शिंदे के पड़ोसियों ने उस वक्त का किस्सा सुनाया, जब शिंदे ठाणे की एक चॉल में रहते थे। यह किस्सा करीब 35 साल पुराना है। उन्होंने बताया कि शिंदे बेहद विनम्र व्यक्ति हैं और हर वक्त लोगों की मदद करने के लिए तैयार रहते हैं। दंगों से झुलस रही मुंबई में किया था यह काम लोगों ने बताया कि साल 1989 में जब मुंबई दंगों से झुलस रही थी, उस वक्त एकनाथ शिंदे ने अपनी जान की भी परवाह नहीं की। उस वक्त उन्होंने एक महिला और उसके बच्चे की मदद की थी। दरअसल, दंगे के वक्त आवागमन के लिए कोई भी साधन उपलब्ध नहीं था। ऐसे में शिंदे अपने ऑटो में महिला और उसके बच्चे को अस्पताल ले गए थे। उस रात शिंदे खुद ऑटो चलाकर ले गए थे। पड़ोसियों ने यूं की शिंदे की तारीफ पड़ोसियों ने बताया कि शिंदे बेहद शानदार व्यक्ति हैं और हर किसी की मदद करने के लिए तैयार रहते हैं। उन्होंने जिस तरह की निष्ठा और समर्पण की मिसाल पेश की है, वह काबिल-ए-तारीफ है। बता दें कि महाराष्ट्र में सियासी उठापटक के बीच देवेंद्र फडणवीस ने एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनाने का एलान करके हर किसी को चौंका दिया था। साथ ही, खुद भी सरकार से बाहर रहने की जानकारी दी थी। हालांकि, उन्होंने पार्टी आलाकमान के निर्देश पर उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jul 01, 2022, 07:52 IST
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एकनाथ शिंदे ने गुरुवार (30 जून) को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और राज्य के लोगों की रक्षा करने का वादा किया। इस पर उनके पड़ोसियों ने बताया कि शिंदे ने हमेशा रक्षक की भूमिका निभाई है।