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आसमान छू रहे सब्जियों के भाव, सलाद से गायब टमाटर-प्याज

माई सिटी रिपोर्टरकरनाल। महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और बंगलुरू आदि राज्यों में भारी बारिश का असर प्याज की कीमतों पर दिखने लगा है। टमाटर भी और सुर्ख हो गया है, शिमला मिर्च और मटर सौ के पार हो चुका है। जिससे त्योहारी सीजन में कई सब्जियां थालियों से दूर हो रहीं हैं। होटलों और ढाबों से भी प्याज और टमाटर सलाद से गायब है। हालात ये हैं कि प्याज और टमाटर का एक-एक पीस पांच-पांच रुपये तक में बिक रहा है।नवरात्र में प्याज की खपत कम हो जाती है, क्योंकि व्रत आदि में लोग प्याज का प्रयोग कम ही करते हैं इसके बावजूद प्याज की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। करनाल सब्जी मंडी आढ़ती एसोसिएशन के संरक्षक कृष्ण सचदेवा ने बताया कि प्याज खासकर महाराष्ट्र के नासिक, पूना के अलावा गुजरात, कर्नाटक व राजस्थान की मंडियों से आता है। पिछले एक महीने के दौरान इन राज्यों में हुई भारी बारिश से प्याज की फसल करीब 50 प्रतिशत तक खत्म हो गई है। प्याज का थोक रेट तो करीब 40 रुपये हैं, जो बाजार में 45 से 50 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। व्यापारियों ने बताया कि जो प्याज बाहर जाने के लिए तैयार था, वह सड़ गया है। यही स्थिति टमाटर की भी है। टमाटर हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, बंगलुरू, राजस्थान से आता है। बारिश के कारण टमाटर की नई फसल मारी गई है। जिसके कारण खपत के अनुपात में मांग अधिक हो गई है। टमाटर के थोक भाव 45 रुपये और फुटकर भाव 50 से 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। प्याज के दामों में अभी और इजाफा होने की आशंका है। इधर, प्याज के दामों में लगातार वृद्धि को देखते हुए भड़साली भी सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने प्याज को भंडारित करना भी शुरू कर दिया है। नवंबर के प्रथम सप्ताह में स्थानीय फसल के बाजार में आने की संभावना है। पांच महंगी सब्जियां (भाव प्रति किलो)सब्जी का नाम 15 दिन पहले आज का भाव-मटर 80 रुपये -120 रुपये-शिमला मिर्च 70 रुपये -100 रुपये-टमाटर 30 रुपये -50 रुपये-प्याज 30 रुपये -50 रुपये-आलू 12 रुपये -16 रुपयेसस्ती हुई सब्जियां सब्जी का नाम 15 दिन पहले आज का भाव-गोभी 60 रुपये 40 रुपये-भिंडी 25-30 रुपये 15-20 रुपये-घिया 25-30 रुपये 15-20 रुपये-तोरी 30-40 रुपये 15-20 रुपये-अरबी 40 रुपये 20 रुपये-हर साल इन दिनों में प्याज के भाव बढ़ ही जाते हैं, क्योंकि बारिश से कहीं न कहीं फसल खराब होती है। कहीं-कहीं भड़साली सक्रिय हो जाते हैं। पिछले 15 दिनों में कई सब्जियों के भावों में काफी उछाल आया है तो कुछ सब्जियां ऐसी भी हैं, जिनके भाव गिरे हैं, क्योंकि स्थानीय फसलें बाजार में आने लगी हैं।-दिलीप कुमार, प्रधान सब्जी विक्रेता एसोसिएशन करनाल

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Oct 14, 2021, 02:30 IST
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