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यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में धांधली का मामला: बिजली कर्मी, लेखपाल और अकाउंटेंट निकले सॉल्वर गैंग के गुर्गे, ऐसे खुला राज

गोरखपुर में पकड़े गए सॉल्वर गैंग के गुर्गों में से एक संतोष यादव बिजली निगम में कर्मचारी है। वह ऑनलाइन सेंटर में पार्टनर भी है। आकाश उर्फ अंकित श्रीवास्तव गीडा में लेखपाल है। आकाश भी ऑनलाइन सेंटर चलाता था। तभी से परीक्षाओं में धांधली कराता रहा है। वहीं, सॉल्वर का काम करने वाला अभिनाश यादव प्रयागराज में एजी आफिस में अकाउंटेंट है। विनय यादव और सोनीपत का नीरज लाकड़ा प्रतियोगी परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों को खोजकर सेटिंग कराते हैं और बदले में कमीशन लेते हैं। प्रभारी निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार किया है। जानकारी के अनुसार, ओम ऑनलाइन सेंटर रूस्तमपुर से मंगलवार को भी गिरफ्तारी हुई थी। एसटीएफ के मुताबिक बुधवार को गिरफ्तार संतोष कुमार यादव ऑनलाइन सेंटर का पार्टनर है। इसका नाम लिखित रूप से सेंटर में नहीं है, क्योंकि यह बिजली विभाग में 132 केबी गीडा में टीजी टू-2550 के पद पर नियुक्त है। वहीं, आकाश उर्फ अंकित श्रीवास्तव ने बताया कि वह कई वर्षों से भर्ती परीक्षा में धांधली कराता रहा है। इससे पहले आकाश ने अपनी मां के नाम पर अनीता ऑनलाइन सेंटर खोला था, जो बंद हो गया। जब सेंटर चलता था, तब भी यह भर्ती परीक्षा में धांधली कराता था। आकाश ऑनलाइन परीक्षा कराने वाले कई सेंटर संचालकों के संपर्क में है। अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रवेशपत्र भी बरामद हुए हैं। कुछ अभ्यर्थियों की सेटिंग सेंटर संचालकों से कर चुका है। मूल दस्तावेज व हस्ताक्षर युक्त जो चेक बरामद हुए हैं, वह धांधली के लिए अभ्यर्थियों से जमा कराए गए हैं। एसटीएफ के मुताबिक अभिनाश यादव ने बताया कि उसे आकाश ने सॉल्वर के तौर पर बुलाया था। नीरज लाकड़ा ने बताया कि वह एसएससी में सिपाही भर्ती के लिए सेटिंग करने आया था।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Nov 25, 2021, 10:53 IST
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गोरखपुर में पकड़े गए सॉल्वर गैंग के गुर्गों में से एक संतोष यादव बिजली निगम में कर्मचारी है। वह ऑनलाइन सेंटर में पार्टनर भी है।