city-and-states

Unlock-2 in Uttarakhand : ट्रेवल एजेंसियों को पुनर्जीवित करना है तो जोश से शुरू हो चारधाम यात्रा

कोरोना महामारी के बीच केंद्र और राज्य सरकार ने आमजन को राहत देने के लिए बेशक कई ठोस कदम उठाए हैं। लेकिन, प्रदेश में चारधाम यात्रा शुरू न होने से संयुक्त रोटेशन से जुड़े बस संचालकों, टैक्सी, मैक्सी, टेंपो ट्रेवलर संचालकों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। कॉमर्शियल वाहनों के पहिये पिछले करीब चार माह से थमे हुए हैं। ट्रेवलर संचालकों का कहना है ट्रेवल एजेंसियों को पुनर्जीवित करना है तो सितंबर में पूरे जोश के साथ चारधाम यात्रा शुरू करनी चाहिए। उत्तराखंड परिवहन महासंघ के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले साल 30 जून तक संयुक्त रोटेशन की 5000 बसों को चारधाम यात्रा पर रवाना किया जा चुका था। जिसमें 173000 तीर्थयात्रियों ने यात्रा की। उससे संचालकों को 24 करोड़ रुपये की अच्छी आमदनी भी हुई। इन बस संचालकों ने एक बार की यात्रा में औसतन 50 हजार रुपये की कमाई की। लेकिन, इस वर्ष कोरोना संक्रमण के चलते उपजे हालात से यात्रा ही शुरू नहीं हो पाई। इससे वाहन संचालकों की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि ड्राइवर-कंडक्टरों को कर्ज लेकर जिंदगी गुजर बसर करनी पड़ रही है। उत्तराखंड परिवहन महासंघ के अध्यक्ष सुधीर राय की मानें तो इस साल यात्रा न होने से अर्थव्यवस्था पटरी से उतर गई है। संयुक्त रोटेशन से जुड़े 1650 वाहन संचालकों के साथ-साथ चालक-परिचालकों के परिवार समेत डेढ़ लाख से अधिक लोगों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। संयुक्त रोटेशन के साथ टैक्सी-मैक्सी और ट्रेवल एजेंसी एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि यात्रा का पीक सीजन लॉकडाउन में निकल गया है। लेकिन, सितंबर से यात्रा जोश के साथ शुरू होनी चाहिए ताकि ट्रेवल संचालकों को थोड़ी संजीवनी मिल सके।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jul 01, 2020, 15:43 IST
पूरी ख़बर पढ़ें »




Unlock-2 in Uttarakhand : ट्रेवल एजेंसियों को पुनर्जीवित करना है तो जोश से शुरू हो चारधाम यात्रा #Covid19InIndia #CoronavirusIndia #कोरोनावायरस #Coronavirus #कोरोना #कोविड-19 #CoronavirusInUttarakhand #ChardhamYatra2020 #Unlock2.0 #ShineupIndia