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चीनी ऐप Shein से खतरा: सरकार कर चुकी है ब्लॉक, पर अमेजन से उत्पादों की बिक्री नहीं रोक सकते

चीन के फैशन ब्रांड शीइन के ऐप को केंद्र सरकार ने ब्लॉक कर दिया है, क्योंकि इससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा है। हालांकि, यह दूसरी वेबसाइट्स (अमेजन) के जरिए अब भी अपने उत्पाद बेच रहा है, क्योंकि वह कानून के दायरे में नहीं आती हैं। केंद्र सरकार ने मंगलवार को यह जानकारी दिल्ली हाईकोर्ट में इससे संबंधित मामले की सुनवाई के दौरान दी। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने हाईकोर्ट में कहा कि दूसरे प्लेटफॉर्म के जरिए शीइन प्रॉड्क्ट्स की बिक्री आईटी कानून की धारा 69 ए के तहत नहीं आती है। इस धारा में किसी भी कंप्यूटर जनित सूचना को जनता तक पहुंचने से रोकने का प्रावधान है। इस कानून के अमल के लिए बनाई गई कमेटी ऐप को सभी प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंधित करने का सीधा आदेश जारी नहीं कर सकती है। दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल व जस्टिस ज्योति सिंह की पीठ डिजिटल बाजार अमेजन पर अपने उत्पादों की बिक्री के लिए शीइन की वापसी पर रोक के लिए दायर याचिका की सुनवाई कर रही है। पीठ ने याचिकाकर्ता की वकील अनंत्तिका सिंह से पूछा कि सरकार का कहना है कि उत्पादों की बिक्री पर कोई रोक नहीं है, आपका क्या कहना है तभी कोर्ट में मौजूद अमेजन के प्रतिनिधि ने कहा कि उन्हें अभी याचिका की प्रतिलिपि प्राप्त नहीं हुई है। इस हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि वह एक प्रतिलिपित अमेजन के वकील को मुहैया कराए। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने मामले की आगे सुनवाई एक दिसंबर को तय कर दी। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने हाईकोर्ट में अपने स्थाई वकील अनुराग अहलुवालिया के माध्यम से दायर जवाब में कहा कि शीइन ऐप की सार्वजनिक पहुंच को भारत में 2020 में रोक दिया गया था। लेकिन तीसरे पक्ष के डिजिटल मंच के माध्यम से उसके उत्पादों की बिक्री पूरी तरह अलग मामला है। सरकार ने स्पष्ट किया कि शीइन ऐप राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मसलों के लिए नुकसानदायक है, इसलिए इसे ब्लॉक किया गया है। एमईआईटीवाई ने बताया कि पिछले साल 29 जून को जारी अंतरिम आदेश के जरिए शीइन ऐप को देश की संप्रभुता व सुरक्षा के प्रति खतरा मानकर प्रतिबंधित किया गया था। इसके बाद इसी साल जनवरी में इस पाबंदी को स्थायी कर दिया गया। अमेजन पर बिक्री रोकने का आदेश अभी नहीं हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद अभी कोई अंतरिम आदेश जारी कर शीइन के उत्पादों की अमेजन पर बिक्री रोकने से इनकार कर दिया। याचिकार्का अनंत्तिका सिंह की ओर से पेश वकील विवेक राज सिंह ने कोर्ट से कहा कि अंतरिम आदेश जारी किया जाए, अन्यथा चीनी कंपनी को डाटा ट्रांसफर हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि आईटी एक्ट की धारा 69 ए देश की एकता व अखंडता से संबंधित है और इस ऐप को इसलिए प्रतिबंधित किया गया था कि ग्राहकों की जानकारियां चीनी निर्माताओं को ट्रांसफर की जा रही थी। अब ये दूसरे प्लेटफॉर्म के जरिए देश में घुस रही हैं। अमेजन की प्राइम डे सेल में शीइन के उत्पादों की बिक्री का विज्ञापन जारी किया गया है। सरकार जब तक शीइन ऐप पर पाबंदी नहीं हटाती, अमेजन को शीइन से नाता तोड़ लेना चाहिए। युवा वर्ग है शीइन का दीवाना सीएनएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक Shein एप ने यूजर्स को अपना दीवाना बना लिया है। अनुष्का सचान नाम के यूजर का कहना है कि हर रोज रात में सोने जाने से पहले वह Shein एप में एक बार लॉगिन जरूर करती हैं। हांगकांग यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाली 20 वर्षीय छात्र अनुष्का का कहना है कि उन्हें Shein एप की आदत हो गई है। हर रोज सोने से पहले एप को एक बार चेक करना उनकी आदतों में शामिल हो गया है। सचान हर रोज एप को शॉपिंग करने के लिए नहीं, बल्कि प्वाइंट्स के लिए ओपन करती हैं। इन प्वाइंट्स का इस्तेमाल शॉपिंग में छूट के लिए होता है। सचान का कहना है कि Shein में कंटेस्ट खेलना, किसी मोबाइल गेम जितना आसान है। यूजर्स के बीच Shein की दीवानगी का भी राज यह है कि किसी एप के मुकाबले इस पर प्रोडक्ट सस्ते मिलते हैं और अच्छे होते हैं। 2008 में हुई थी Shein की शुरुआत आपकी जानकारी के लिए बता दें कि Shein की शुरुआत चीन में 2008 में ही हो गई थी, हालांकि उस वक्त इसका नाम ZZKKO था जिसे Chris Xu ने शुरू किया था। Chris Xu को मार्केटिंग और सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन में महारत हासिल थी जिसका इस्तेमाल उन्होंने अपने एप पर किया और परिणाम आज दुनिया के सामने है। शुरुआत में इस प्लेटफॉर्म पर सिर्फ शादी के ड्रेस की बिक्री हो रही थी। पिछले साल अक्तूबर में Shein दुनिया की सबसे बड़ी ऑनलाइन फैशन कंपनी बनी थी।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Oct 05, 2021, 18:39 IST
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चीन के फैशन ब्रांड शीइन के ऐप को केंद्र सरकार ने ब्लॉक कर दिया है, क्योंकि इससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा है। हालांकि, यह दूसरी वेबसाइट्स के जरिए अब भी अपने उत्पाद बेच रहा है, क्योंकि वह कानून के दायरे में नहीं आती हैं।