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हाईकोर्ट यूपी सरकार से पूछा : ठोस कचरा प्रबंधन नियमों को लागू करने को क्या किया?

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने लखनऊ में सफाई के मद्देनजर दायर एक पीआईएल पर राज्य सरकार से पूछा है कि वर्ष 2016 के ठोस कचरा प्रबंधन नियमों को अमल में लाने को क्या कदम उठाए हैं कोर्ट ने सरकार को इस संबंध में जवाबी हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति अजय कुमार श्रीवास्तव प्रथम की खंडपीठ ने यह आदेश गोमतीनगर विस्तार महासमिति के सचिव एससी दुबे की जनहित याचिका पर दिया। याचिका में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2016 में बनाए गए ठोस कचरा प्रबंधन नियमों को अमल में लाने के निर्देश सरकार को देने की गुजारिश की गई है। जिससे शहर में स्वच्छता के साथ लोगों को गंदगी से निजात मिल सके। सुनवाई के समय नगर निगम के वकील ने कहा कि कुछ एजेंसियों के असहयोग की वजह से इन नियमों को पूरी शिद्दत के साथ लागू करने में नगर निगम को मुश्किल हो रही है। इससे लोगों के स्वास्थ्य को खतरा पैदा होता है। यह इंगित करने पर कि मंडियों से निकलने वाला कचरा तय जगहों पर नहीं फेंका जाता है, नगर निगम के वकील ने कहा कि इसके लिए गैर वैज्ञानिक तरीके से तय जगहों के अलावा कचरा फेंकने वाली संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए जाने चाहिए। कोर्ट ने कहा कि नगर निगम के इस मुद्दे पर अगली सुनवाई की तारीख पर 19 अक्तूबर को विचार किया जाएगा।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Sep 21, 2021, 01:59 IST
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इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने लखनऊ में सफाई के मद्देनजर दायर एक पीआईएल पर राज्य सरकार से पूछा है कि वर्ष 2016 के ठोस कचरा प्रबंधन नियमों को अमल में लाने को क्या कदम उठाए हैं