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ऑनलाइन शॉपिंग में बरतें सावधानी.. सक्रिय हैं साइबर ठग

शॉपिंग स्कीम के नाम पर जरी कारोबारी के खाते से उड़ाई रकम बरेली। कोरोना संक्रमण से बचने के लिए लोग घरों में कैद हैं। ऐसे में जरूरत का सामान ऑनलाइन शॉपिंग के जरिए मंगाया जा रहा है, लेकिन महामारी के इस दौर में साइबर ठग भी सक्रिय हो गए हैं। ठग लगातार फर्जी पोर्टल बनाकर लोगों से ठगी कर रहे हैं। शुक्रवार को सूफी टोला के युवक के पास एक कॉल आने के बाद उनके खाते से हजारों रुपये निकल गए। लगातार सामने आ रहे साइबर ठगी के मामलों को लेकर शनिवार को एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय की तरफ से भी एडवायजरी जारी की गई है। बारादरी क्षेत्र के जगतपुर निवासी महताब जरी कारोबारी हैं। उन्होंने बताया कि शुक्रवार दोपहर उनके पास एक अंजान युवक ने फोन कर पर्सनल लोन और ऑनलाइन शॉपिंग की कुछ स्कीम बताई थीं। इसके बाद उन्हें झांसे में लेकर ऑनलाइन वॉलेट में कुछ रुपये डलवाए। इसके बाद युवक ने महताब से उनकी जन्मतिथि पूछी। आरोप है कि इसके बात करने के कुछ ही देर में उनके वॉलेट से करीब साढ़े सात हजार रुपये निकल गए। उन्होंने पलटकर उसी नंबर पर फोन किया तो युवक उनसे गालीगलौज करने लगा। पहले भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। साइबर ठग अपना रहे नए-नए हथकंडे लॉकडाउन के दौरान ठगी के नए नए हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। राजस्थान के भरतपुर का गैंग लोगों की फेसबुक आईडी हैक करके मेसेंजर के सहारे परिचितों से मदद मांगता है। झारखंड के जामतारा का गैंग भी इन दिनों अधिक सक्रिय है और बैंक अधिकारी बनकर लोगों को झांसा देकर ठगी की जा रही है। वहीं कोरोना रिलीफ फंड, बचाव के उपाय व निशुल्क इंटरनेट डाटा देने के बहाने भी लोगों के खाते खाली किए जा रहे हैं। दिन भर मोबाइल हाथ में होने से ठगों का मेसेज आते ही लोग रिप्लाई कर दे रहे हैं और ठगी का शिकार हो जाते हैं। रोज चार से पांच नई शिकायतें सामने आ रही हैं। एसएसपी ने जारी की एडवाइजरी.. मेसेज के जरिये आए किसी लिंक पर क्लिक न करें अंजान लोगों को फोन पर खाते की जानकारी न दें सामान सिर्फ भरोसेमंद वेबसाइट से ही खरीदें कोई भी रिमोट एक्सेस एप जैसे क्विक सपोर्ट, ऐनी डेस्क, टीम वियुअर या एंड्रायड किसी के कहने पर डाउनलोड न करें एटीएम इस्तेमाल करते समय किसी अंजान की मदद न लें गूगल से मिले कस्टमर केयर नंबर का इस्तेमाल न करें सोशल मीडिया के जरिये की गई मांग पर भरोसा न करें ईएमआई में राहत दिलाने के नाम पर ग्राहकों के पास आ रहीं फेक कॉल बरेली। लॉकडाउन के बाद सरकार ने ग्राहकों को ईएमआई में छूट देने की घोषणा की थी, इसके बाद साइबर क्राइम करने वालों को ग्राहकों को चूना लगाने का एक और मौका मिल गया है। इस तरह के बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड को देखते हुए एसबीआई सहित तमाम बैंकों ने अपने ग्राहकों को अलर्ट करते हुए उनको एडवाइजरी जारी कर दी है। बैंकों ने ग्राहकों को किसी भी दशा में अपना ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) और पिन शेयर न करने की अपील की है। बैंकों ने मैसेज के जरिए भी किया आगाह एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई, एचडीएफसी आदि बैंक अपने ग्राहकों को एसएमएस और ई-मेल द्वारा साइबर अपराधियों के बारे में आगाह कर रहे हैं। इसके साथ ही बैंकों ने इसको लेकर ट्वीट भी किया है। ईएमआई कट गई है तो पाई जा सकती है वापस ग्राहकों के सूचनाएं न देने पर तमाम बैंकों ने अप्रैल में ईएमआई की कटौती कर दी है। बैंक अधिकारियों का कहना है कि इसे लेकर ग्राहकों को चिंतित होने की जरूरत नहीं है। वह बैंकों को सूचना देकर इसे वापस ले सकते हैं। ईएमआई का ओटीपी से कोई लेनादेना नहीं बैंक अफसरों का कहना है कि यह बात समझ लें कि ईएमआई को टालने के लिए ओटीपी की जरूरत नहीं पड़ती। अपना ओटीपी किसी से कभी भी शेयर न करें। अपने लोन की ईएमआई को टालने के लिए बैंक की वेबसाइट से गाइस लाइंस ले सकते हैं। बैंकों ने ऐसे कॉल या मैसेज के प्रति अपने ग्राहकों को आगाह किया है। इस तरह फ्रॉड करने वाले लोग बैंक के प्रतिनिधि के रूप में फोन लगाकर ग्राहकों से उनकी ईएमआई माफ कराने की बात कर रहे हैं, उनसे सजग रहने की आवश्यकता है। - योगेश टंडन, एसबीआई एजीएम के पीआरओ

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Apr 12, 2020, 00:39 IST
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