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दुष्कर्म पीड़ित ने फंदे से लटकर जान दी

गोला गोकर्णनाथ (लखीमपुर खीरी)। एक मोहल्ला निवासी युवती ने कमरे के अंदर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में उसने युवक, उसकी पालिका सदस्य मां, पिता एवं भाइयों पर आत्महत्या के लिए विवश करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी की मां, पिता और एक भाई को गिरफ्तार कर लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। शारीरिक संबंध बनाकर गर्भपात कराने वाले आरोपी युवक को पुलिस 15 दिन पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।एक मोहल्ला निवासी महिला ने बताया कि उनकी 23 वर्षीय पोती शनिवार की रात खाना खाने के बाद सोने के लिए चली गई। रविवार सुबह जब वह नहीं उठी तो दरवाजा खटखटाया। काफी देर तक जवाब न मिलने पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस की मौजूदगी में दरवाजा खुलवाया गया तो पोती का शव दुपट्टे के सहारे छत के कुंडे से लटक रहा था। पास में ही सुसाइड नोट मिला, जिसे पुलिस ने कब्जे में लेकर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया। सुसाइड नोट में युवती ने शारीरिक संबंध बनाकर गर्भपात कराने वाले युवक मिंटू उर्फ रशीद, उसकी पालिका सदस्य मां सदस्य मीरा उर्फ फातिमा, पिता इम्तियाज अली, भाई जाहिद, शाहिद, सीबू पर आत्महत्या करने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने सभी के खिलाफ धारा 306 एससी एसटी में रिपोर्ट दर्ज कर पालिका सदस्य मीरा उर्फ फातिमा, उसके पति इम्तियाज और पुत्र शीबू का चालान भेज दिया है, मिंटू उर्फ रशीद पहले से ही जेल में है।काफी टालमटोल के बाद लिखी थी कमरे में फंदा लगाकर जान देने वाली दुष्कर्म पीड़िता ने आरोपी युवक के खिलाफ जून में पुलिस को तहरीर दी थी, जिस पर काफी टालमटोल के बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी और करीब 15 दिन पहले युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद समझौते के लिए युवती और उसके परिवार वालों पर जबाव बनाया जाने लगा।बताया जाता है कि पीड़िता ने 15 जून को कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि मिंटू उर्फ रशीद शादी का झांसा देकर उससे पांच वर्ष से शारीरिक संबंध बनाता रहा, जिसमें वह गर्भवती हो गई। बाद में शादी से इनकार करते हुए जबरन गर्भपात करा दिया। उस समय तहरीर मिलने पर कोतवाली पुलिस कुछ दिन तो टालमटोल करती रही फिर जब हिंदू युवा वाहिनी के पदाधिकारियों ने दबाव बनाया तो रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। बाद में मिंटू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। मृतका के पिता, दादी, बुआ और परिवार वालों का आरोप है कि रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस और विपक्षी समझौते के लिए दबाव बनाने लगे थे। आत्महत्या के एक दिन पहले पालिका सदस्य मीरा उर्फ फातिमा का फोन पीड़िता के पास आया था, क्या बात हुई इसकी जानकारी नहीं हो सकी।पिता के आरोप लगाने पर एसपी ने धौरहरा सीओ को सौंपी थी जांचयुवती के पिता का आरोप था कि गोला पुलिस निरंतर सुलह समझौते के लिए दबाव बनाती रही, जिससे पूरा परिवार दहशत में रहा। उन्होंने एसपी पूनम से न्याय की गुहार लगाई। तब उन्होंने विवेचना गोला सीओ आरके वर्मा से ट्रांसफर कर धौरहरा सीओ अभिषेक प्रताप अजेय को दे दी। जो पीड़ित पक्ष का बयान ले चुके हैं।सुसाइड नोट में पीड़िता ने लिखामिंटू उर्फ रशीद अली ने मेरे साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाया, गर्भपात भी कराया। आरोपी दूसरे समुदाय का है, समाज में मैं रहने लायक नहीं हूं। मेरे परिवार वालों का दोष नहीं है। मेरी मौत का जिम्मेदार मिंटू उर्फ रशीद अली तथा उनका परिवार जाहिद अली, शाहिद अली, इम्तियाज अली, सीबू और उसकी मां मीरा उर्फ फातिमा है। युवती ने कमरे के अंदर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमें आरोपित किए गए लोगों में मुख्य आरोपी की मां, पिता और भाई सहित छह लोगों पर 306 एससीएसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। जिसमें मां, पिता और एक भाई को गिरफ्तार कर चालान भेजा गया है। इससे पूर्व पीड़िता ने 20 जून को शारीरिक संबंध बनाकर गर्भपात कराए जाने की रिपोर्ट मिंटू उर्फ रसीद के खिलाफ दर्ज कराई थी, जो पहले ही जेल में है।-आरके वर्मा, सीओ गोलाएसपी के निर्देश पर विवेचना ट्रांसफर होकर उनके पास आई थी। पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। परिवार वाले अब पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट हैं।-अभिषेक प्रताप, सीओ, धौरहरा

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jul 12, 2020, 21:48 IST
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