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हाईवे पर भूस्खलन रोकने की नहीं है कोई कारगर योजना

नई टिहरी/चंबा। चारधाम यात्रा को सुगम बनाने के लिए बीआरओ और एनएच खंड ने ऑल वेदर रोड की कटिंग तो कर दी है, लेकिन भूस्खलन रोकने के लिए कोई कारगर योजना नहीं है। भू-वैज्ञानिकों का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण के नाम पर पहाड़ी को ढालदार की जगह सीधे खड़े में काटा जा रहा है। यदि पहाड़ों की बनावट के अनुरूप कटिंग का कार्य समकोण आकृति में किया जाए, तो काफी हद तक भूस्खलन के प्रभाव को कम किया जा सकता है।ऑल वेदर परियोजना के तहत ऋषिकेश-गंगोत्री, ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। बारिश शुरू होते ही हिंडोलाखाल, नागणी, खाड़ी, तोताघाटी, मूल्यागांव में पहाड़ी से बोल्डर और मलबा हाईवे पर गिरने का सिलसिला शुरू हो गया है। राजमार्ग पर अलग-अलग स्थानों पर लगातार हो रहे भूस्खलन ने सुरक्षा दीवार और पुश्ता निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। चौड़ीकरण के साथ हालांकि हाईवे पर वर्षों पुराने डेंजर जोनों का ट्रीटमेंट किया जा रहा है, लेकिन बरसात में नए डेंजर जोन बनने का सिलसिला जारी है। इनका क्या है कहनाहिमालय की संवेदनशीलता और पुराने अनुभव को देखते हुए पहाड़ी क्षेत्रों में रोड का साइज 8 मीटर से अधिक चौड़ा नहीं होना चाहिए। यदि सड़क चौड़ीकरण आवश्यक है, तो पहाड़ कटिंग का कार्य समकोण आकृति में किया जाना चाहिए। तभी भूस्खलन का प्रभाव कम हो सकता है। हाईवे पर पूर्व का अनुभव बताता है कि एक मीटर खोदने से 10 मीटर के मलबे को संभालना मुश्किल हो जाता है। -डा. एसपी सती, पर्यावरण विज्ञान विभाग औद्यानिकी एवं वानिकी विविहाईवे के आसपास बसे घरों का होगा सर्वेनई टिहरी। टिहरी जिले की सीमा में ऋषिकेश-गंगोत्री, ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे किनवरे बसे घरों और गांवों का जिला प्रशासन भूस्खलन की दृष्टि से दोबारा सर्वे कराएगा। सर्वे के दौरान हाईवे किनारे बने पुस्तों और सुरक्षा दीवारों की तकनीकी टीम गुणवत्ता की जांच भी करेगी। डीएम मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि बारिश के मौसम में ऋषिकेश-गंगोत्री, ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवें पर जिले की सीमा में कुछ स्थानों पर पहाड़ी से बोल्डर और मलबा गिरने का खतरा बना हुआ है। हाईवे किनारे नए संवेदनशील स्थानों को चिंहित करने के लिए जल्द सर्वे किया जाएगा। प्रशासन ने हाईवे पर बने पुश्तों और सुरक्षा दीवारों की संयुक्त तकनीकी टीम से जांच कराने का निर्णय लिया है। जांच के दौरान तकनीकी टीम पुस्तों और दीवारों की गुणवत्ता की जांच भी करेगी। टिहरी जिले में 22 ग्रामीण सड़कें बंदनई टिहरी। बारिश के कारण टिहरी जिले के 22 ग्रामीण सड़कें बाधित हो गई। शुक्रवार रात से शनिवार सुबह 7 बजे तक टिहरी जिले में रुक-रुककर बारिश हो रही है, जिससे जगह-जगह भूस्खलन होने से सड़कें बंद हो गई है। जिला आपदा कंट्रोल रूम से बताया गया कि यातायात के लिए बंद चल रही सभी सड़कों को खोलने के लिए कार्य चल रहा है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Aug 01, 2020, 20:39 IST
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