movie-review

Satyameva Jayate 2 Review: मिलाप की मनमोहन देसाई को सच्ची श्रद्धांजलि, बनाया मसाला फिल्मों का कॉकटेल

अपने करियर में अब तक 28 फिल्में लिख चुके और पांच फिल्में निर्देशित कर चुके लेखक निर्देशक मिलाप मिलन जवेरी का फिल्में लिखने और बनाने का फॉर्मूला तय है। बतौर निर्देशक उन्होंने लीक से हटकर एक फिल्म जाने कहां से आई है बनाकर अपना निर्देशन शुरू जरूर किया लेकिन जल्द ही उन्हें भी समझ आ गया कि हिंदी सिनेमा को फॉर्मूला सिनेमा से बाहर निकालकर लाना इस भाषा की फिल्मों के कारोबार के हिसाब से एक जोखिम है। उनकी नई फिल्म सत्यमेव जयते 2 इससे पहले रिलीज हुई उनकी ही लिखी और निर्देशित फिल्म फिल्म सत्यमेव जयते के सार को आगे बढ़ाती है। इन दोनों फिल्मों का डीएनए यही है कि समाज में फैले अपराधों को अपने बूते निपटाने निकला एक स्वघोषित निगरानीकर्ता है और उसके पीछे लगा एक पुलिस अफसर। इस बार ये दोनों काम एक ही कलाकार जॉन अब्राहम को मिले हैं। जॉन अब्राहम का एक और रोल फिल्म में किसान नेता का भी है। अमिताभ बच्चन की फिल्म महान या रजनीकांत की फिल्म जॉन जानी जनार्दन जैसी ठेठ मसाला फिल्मों से खाद पाने वाली इस फिल्म में पानी मनमोहन देसाई की फिल्मों का है। बेटे का मां को खून सीधे चढ़ा देने देने वाले दृश्य में मिलाप इसे साबित भी करते हैं। फिल्म सत्यमेव जयते 2 एक तरह से मनमोहन देसाई को उनकी श्रद्धांजलि है। ये एक ऐसी फिल्म है जिसमें पटकथा की तमाम गलतियां इसके नायक के शोर में गुम हो जाती हैं।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Nov 25, 2021, 11:04 IST
पूरी ख़बर पढ़ें »


फिल्म सत्यमेव जयते 2 एक तरह से मनमोहन देसाई को उनकी श्रद्धांजलि है। ये एक ऐसी फिल्म है जिसमें पटकथा की तमाम गलतियां इसके नायक के शोर में गुम हो जाती हैं।