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उम्मीद : खुदरा आभूषण उद्योग में इस साल आ सकती है 35 फीसदी तेजी

सोने की कीमतों में भारी गिरावट के बाद खुदरा आभूषण उद्योग में इस साल 30-35 फीसदी तेजी की उम्मीद है। इंडिया रेटिंग्स ने बृहस्पतिवार को एक रिपोर्ट में कहा, आर्थिक गतिविधियों के कोरोना पूर्व पर पहुंचने और सोने की कीमतों में नरमी से सुधार को गति मिलेगी। इससे पहले 2020-21 की तीसरी तिमाही में त्योहारी सीजन, शादी-विवाह के कारण मांग बढ़ने और कीमतों में 10 फीसदी गिरावट के कारण सोने की मांग में तेजी देखने को मिली थी। रिपोर्ट के मुताबिक, मांग में वृद्धि की वजह से चालू वित्त वर्ष के मुकाबले 2021-22 में आभूषणों की मांग 30-35 फीसदी बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, अगले वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था में वी-आकार में सुधार को देखते हुए कोरोना पूर्व स्तर के मुकाबले समग्र मांग महज 5-10 फीसदी ही बढ़ सकती है। बढ़ेगा विक्रेताओं का मुनाफा इंडिया रेटिंग्स ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की शुरुआती तीन तिमाहियों के दौरान बड़े आभूषण विक्रेताओं का मुनाफा कोरोना के पूर्व स्तर से 7.7 फीसदी बढ़ा है। 2019-20 के दौरान उनका कुल मुनाफा 5.9 फीसदी था। इसके अलावा, आयात शुल्क घटाने, मेकिंग शुल्क में नरमी और कीमतों में गिरावट से बड़े विक्रेताओं के मुनाफे में और तेजी आ सकती है, जो कोरोना पूर्व स्तर के मुकाबले 25-50 फीसदी ज्यादा रहने की उम्मीद है। खर्चों में कटौती पर जोर इंडिया रेटिंग्स ने 2021-22 के लिए उद्योग के परिदृश्य में संशोधन किया है, लेकिन रेटिंग में कोई सुधार नहीं किया है। एजेंसी का कहना है कि महामारी के झटकों से उबर रहीं ज्यादातर कंपनियां खर्चों में कटौती पर जोर दे रही हैं। इसलिए इन कंपनियों ने नए शोरूम लॉन्च को 2022-23 तक के लिए टाल दिया है। वे घाटे वाले शोरूम को बंद करने या मुनाफे वाले शोरूम में विलय पर विचार कर रही हैं। इसलिए रेटिंग में सुधार नहीं किया गया है। तीन वर्षों में 9,000 किलोग्राम डिजिटल सोने की बिक्री देश में पिछले तीन साल में 8,000 से 9,000 किलोग्राम डिजिटल गोल्ड की खरीद-बिक्री हुई है। इसमें अब तक 7-8 करोड़ लोग निवेश कर चुके हैं। इस कारोबार से जुड़े जानकारों का कहना है कि मध्य वर्ग परिवारों में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव और घर में रखने पर चोरी को लेकर हमेशा डर बना रहता है। वहीं, डिजिटल गोल्ड की खरीद में ऐसी कोई समस्या नहीं हैं। उनका कहना है कि वर्तमान में जब तकनीक और निवेश के लिए नए रास्ते तलाशे जा रहे हैं तो इसमें डिजिटल गोल्ड की भी मजबूत जगह बनती जा रही है। हालांकि, विदेश में इसका चलन पहले से है, लेकिन भारत में तीन वर्षों से इसमें वृद्धि देखी जा रही है। डिजिटल गोल्ड का मतलब है कि जब कोई व्यक्ति ऑनलाइन सोना खरीदता है तो सराफा कंपनियां उस कीमत का सोना अपने लॉकर में रख देती हैं। इसके बदले ग्राहक को एक रसीद मिलती है। जैसे-जैसे आप इसमें निवेश करते जाते हैं, आपके लॉकर में सोना बढ़ता जाता है। जरूरत पड़ने पर इसे ऑनलाइन बेच भी सकते हैं।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Mar 19, 2021, 01:36 IST
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इंडिया रेटिंग्स ने बृहस्पतिवार को एक रिपोर्ट में कहा, आर्थिक गतिविधियों के कोरोना पूर्व पर पहुंचने और सोने की कीमतों में नरमी से सुधार को गति मिलेगी।