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सर्वे: 5.3 फीसदी रहेगी मई की खुदरा महंगाई दर

खाने-पीने की चीजों और फैक्टरी उत्पादों के दाम बढ़ने से मई में खुदरा महंगाई दर में करीब एक फीसदी इजाफा हो सकता है। अर्थशास्त्रियों के बीच कराए सर्वे के अनुसार, मई में खुदरा महंगाई दर 5.3 फीसदी रहने का अनुमान है। अप्रैल में खुदरा महंगाई 4.29 फीसदी थी, जो तीन महीने में सबसे कम रही। अर्थशास्त्री कुणाल कुंडू का कहना है कि कई राज्यों में चुनाव के चलते अप्रैल में पेट्रोल की कीमतों पर नियंत्रण रहा। उनमें कोई बदलाव नही हुआ। इस दौरान क्रूड की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में इजाफा नहीं हुआ। लेकिन चुनाव के तुंरत बाद सिर्फ मई में ही पेट्रोल-डीजल के दाम 7 बार बढ़ाए गए। इसका सीधा असर मई की खुदरा महंगाई दर पर भी देखने को मिल सकता है। 4 से 9 जून के बीच कराए सर्वे में 40 अर्थशास्त्रियों को शामिल किया गया, जिन्होंने एकराय से बताया कि मई में खुदरा महंगाई दर अप्रैल के मुकाबले एक फीसदी बढ़कर 5.30 फीसदी पहुंच सकती है। वैश्विक महंगाई का ज्यादा असर आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के अभिषेक उपाध्याय का कहना है कि संक्रमण की दूसरी लहर का आपूति शृंखला पर ज्यादा असर नहीं पड़ा है, बल्कि वैश्विक स्तर पर बढ़ती महंगाई का भारत पर ज्यादा प्रभाव दिख रहा है। क्रूड, खाद्य तेल, सोने जैसी कमोडिटी के दाम बढ़ने से घरेलू बाजार में भी खुदरा महंगाई बढ़ रही है। हालांकि, मई में इसके लगातार छठे महीने आरबीआई के तय 6 फीसदी दायरे से नीचे रहना संतोषजनक होगा।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jun 11, 2021, 03:45 IST
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खाने-पीने की चीजों और फैक्टरी उत्पादों के दाम बढ़ने से मई में खुदरा महंगाई दर में करीब एक फीसदी इजाफा हो सकता है। अर्थशास्त्रियों के बीच कराए सर्वे के अनुसार, मई में खुदरा महंगाई दर 5.3 फीसदी रहने का अनुमान है।