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गुहार: राहुल गांधी ने पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी, कहा- अभी तो कोरोना की शुरुआत है...

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार (7 मई) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी। उन्होंने पीएम मोदी से आग्रह किया कि कोरोना वायरस के सभी स्वरूपों का वैज्ञानिक तरीकों से पता लगाया जाए। साथ ही, इसकी जानकारी पूरी दुनिया को दी जाए। इसके अलावा सभी भारतीय नागरिकों को कोरोना का टीका जल्द से जल्द लगाया जाए। राहुल गांधी ने लगाया यह आरोप उन्होंने पीएम मोदी को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि सरकार की #39;विफलता#39; के कारण देश एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर के लॉकडाउन के मुहाने पर खड़ा है। ऐसे में गरीबों को तत्काल आर्थिक मदद दी जाए, जिससे उन्हें पिछले साल की तरह परेशान न होना पड़े। पीएम मोदी से की गुहार पत्र में राहुल गांधी ने लिखा, #39;मैं आपको एक बार फिर पत्र लिखने के लिए विवश हुआ हूं क्योंकि हमारा देश कोविड सुनामी की गिरफ्त में बना हुआ है। इस तरह के अप्रत्याशित संकट में भारत के लोग आपकी सबसे बड़ी प्राथमिकता होने चाहिए। मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आप देश के लोगों को इस पीड़ा से बचाने के लिए जो भी संभव हो, वह करिए।#39; #39;यह तो बस शुरुआत है#39; राहुल गांधी ने कहा, #39;दुनिया के हर छह लोगों में से एक व्यक्ति भारतीय है। इस महामारी से यही पता चला है कि हमारा आकार, आनुवांशिक विविधता और जटिलता से भारत में इस वायरस के लिए बहुत ही अनुकूल माहौल मिलता है, जिससे वह अपना स्वरूप बदल पा रहा है। साथ ही, और ज्यादा खतरनाक रूप में सामने आ गया है। मुझे डर इस बात का है कि जिस #39;डबल म्यूटेंट#39; और #39;ट्रिपल म्यूटेंट#39; को हम देख रहे हैं, वह शुरुआत भर हो सकती है।#39; पीएम मोदी को सुझाव भी दिया राहुल गांधी के मुताबिक, इस वायरस का अनियंत्रित ढंग से प्रसारित होना सिर्फ भारत के लिए ही घातक नहीं होगा, बल्कि दुनिया के बाकी देश भी इसकी चपेट में आ जाएंगे। कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री को सुझाव दिया कि कोरोना वायरस के विभिन्न स्वरूपों के बारे में वैज्ञानिक तरीके से पता लगाया जाए। सभी नए म्यूटेशन के खिलाफ टीकों के असर का आकलन किया जाए। सभी लोगों को तेजी से टीका लगाए जाएं।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: May 07, 2021, 16:58 IST
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राहुल गांधी के मुताबिक, इस वायरस का अनियंत्रित ढंग से प्रसारित होना सिर्फ भारत के लिए ही घातक नहीं होगा, बल्कि दुनिया के बाकी देश भी इसकी चपेट में आ जाएंगे।