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HP High Court: बीएड डिग्री धारकों को जेबीटी टेट के लिए पात्र करने पर रोक, प्रधान सचिव शिक्षा से तलब किया जवाब

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने जेबीटी टेट (शिक्षक पात्रता परीक्षा) के लिए बीएड डिग्री धारकों को पात्र करने पर रोक लगा दी है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश विरेंद्र सिंह की खंडपीठ ने प्रधान सचिव शिक्षा से दो हफ्ते में जवाब तलब किया है। याचिकाकर्ता मोहित ठाकुर ने प्रधान सचिव शिक्षा के अलावा निदेशक प्राथमिक शिक्षा, हिमाचल कर्मचारी चयन आयोग और स्कूल शिक्षा बोर्ड को प्रतिवादी बनाया है। अदालत अब 15 दिसंबर को मामले पर सुनवाई करेगी।याचिकाकर्ता ने हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड की 5 नवंबर को जारी अधिसूचना को चुनौती दी है। इसके तहत बीएड डिग्री धारकों को जेबीटी टेट के लिए पात्र किया गया था। आरोप लगाया गया है कि बोर्ड ने निदेशक प्राथमिक शिक्षा की ओर से 4 नवंबर को जारी निर्देशों के आधार पर यह निर्णय लिया है। दलील दी गई कि राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की जिस अधिसूचना के तहत बीएड डिग्री धारकों जेबीटी टेट के लिए पात्र किया गया है, उसे राजस्थान हाईकोर्ट रद्द कर चुका है। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में भी पुनर्विचार याचिका लंबित है। एनसीटीई की 28 जून 2018 की अधिसूचना की वैधता सर्वोच्च अदालत में लंबित है। ऐसे में बीएड धारकों को जेबीटी टेट के लिए पात्र करने का निर्णय सरासर गलत है। उल्लेखनीय है कि 26 नवंबर 2021 को हाईकोर्ट ने जेबीटी भर्ती मामलों पर फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया था कि शिक्षकों की भर्ती के लिए एनसीटीई के नियम प्रारंभिक शिक्षा विभाग के साथ-साथ अधीनस्थ कर्मचारी चयन आयोग पर भी लागू होते हैं। अदालत ने आदेश दिए थे कि एनसीटीई की अधिसूचना के अनुसार जेबीटी पदों की भर्ती के लिए नियमों में जरूरी संशोधन किया जाए। अदालत के इस फैसले से जेबीटी पदों के लिए बीएड डिग्री धारक भी पात्र हो गए थे। बाद में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से दायर पुनर्विचार याचिका में पारित आदेशों के अनुसार इस फैसले पर रोक लगा दी थी। इस रोक के बाद बीएड डिग्री धारक फिर से इन पदों के लिए अयोग्य हो गए थे।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Nov 24, 2022, 18:55 IST
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने बीएड डिग्री धारकों को जेबीटी टेट के लिए योग्य करने पर रोक लगा दी है।