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Pitru Paksha 2021: श्राद्ध पक्ष में इन 4 चीजों से मिलेगा आपको अपने पूर्वजों का आशीर्वाद

श्राद्ध पक्ष यानी अपने पुरखों को याद करने की खास हिन्दू तिथियां। इन 16 तिथियों को लेकर विशेष प्रावधान, विशेष नियम और परंपराएं हैं। हिन्दू धर्म में किसी व्यक्ति के स्वर्गवास की तिथि के अनुसार यूं हर वर्ष उसी तिथि को उसके लिए धूप करने की रीति होती है। लेकिन श्राद्ध पक्ष में वार्षिक तिथि के अलावा उसी तिथि पर पुनः धूप करने, दान-पुण्य करने आदि का भी प्रावधान हैं। वर्ष में 16 दिनों के लिए आने वाले श्राद्ध पक्ष में अपने स्वर्गीय बड़े-बुजुर्गों, पुरखों की स्मृति में पूजन करने, पंडितों या जरूरतमंदों को भोजन करवाने और अपने सामर्थ्य अनुसार दान करने का विधान है। इस विधान के साथ बड़े-बुजुर्गों से प्रार्थना की जाती है कि वे परिवार पर अपना आशीर्वाद बनाये रखें। इस दौरान 16 दिनों नए कपड़े या कोई भी नई वस्तु न लेकर आने के नियम को भी कई लोग मानते हैं। इसके पीछे यह तर्क होता है कि चूंकि यह समय अपने प्रियजनों की पुण्यतिथि से जुड़ा होता है, एक दुखद याद से जुड़ा होता है। इसलिए ऐसे में कुछ नया खरीदकर, उत्सव मनाने की बजाय सादा जीवन जीने पर जोर दिया जाना चाहिए। यह भी धारणा है कि मृत्यु अंतिम सत्य है और भौतिकता से भरे जीवन के प्रति मोह न रखने की सीख देती है। कुल मिलाकर श्राद्ध पक्ष एक ऐसा अवसर है जो हमें अपने बुजुर्गों के किये सद्कार्यों को अपनाने, बिना आडम्बर का जीवन जीने और जीवन के प्रति आभार जताने की प्रेरणा देता है। इस अवसर पर कुछ इस तरह आप पा सकते हैं अपने बुजुर्गों का आशीर्वाद।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Sep 15, 2021, 12:55 IST
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श्राद्ध पक्ष यानी अपने पुरखों को याद करने की खास हिन्दू तिथियां। इन 16 तिथियों को लेकर विशेष प्रावधान, विशेष नियम और परंपराएं हैं।