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पंजाब में कच्ची शराब का गोरखधंधा, आबकारी विभाग और पुलिस की मिलीभगत से चलती भट्ठियां

सतलुज दरिया के किनारे बसे एक दर्जन गांवों में खुलेआम देसी शराब बनाने का कारोबार चल रहा है। स्थानीय आबकारी व देहात की पुलिस की मिलीभगत से तस्कर खुलेआम शराब की सप्लाई घर के दरवाजे तक कर रह हैं। फिल्लौर से शुरू होकर शाहकोट तक दरिया का साथ लगता इलाका तस्करों के लिए पूरी तरह से वरदान बन चुका है। गांव थम्मूवाल,बाऊपुर,रामपुर, दानेवाल, भोयपुर, छन्ना गोडे, धर्मे की छन्नास कैमवाला, उमरेवाल, शोले, बीकला, संगोवाल गांव में शराब का कारोबार जोरों पर है। पिछले साल फिल्लौर पुलिस ने पुलिस ने सुबह 4 बजे दबिश देकर 20 हजार लीटर लाहन, 3 हजार लीटर केमिकल, 500 लीटर देसी शराब और गैस सिलेंडर से चलने वाली 3 भट्ठियां नष्ट की थी। तस्करों का नया तरीका सामने आया था कि उन्होंने लकड़ी की जगह गैस से चलने वाली भट्ठियां लगा ली हैं, जिससे वह एक रात में 10 से 15 लाख रुपये की शराब तैयार करते थे। पिछले साल मार्च में भी लोकसभा चुनावों से कुछ दिन पहले कच्ची शराब (लाहन) तैयार करने का कारोबार करने वाले चार युवकों को गिरफ्तार कर लगभग 60 क्विंटल कच्ची शराब को नष्ट किया गया था। दोषियों की पहचान लड्डू, गुरमेल सिंह, करनैल सिंह और दर्शन सिंह निवासी गांव बूटे महतपुर के तौर पर हुई है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Aug 02, 2020, 13:32 IST
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