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Rath Yatra 2022: पुरी में आज निकलेगी भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा, सुबह-सुबह मंगला आरती के लिए मंदिर पहुंचे अमित शाह

ओडिशा का पवित्र शहर पुरी आज भगवान जगन्नाथ की प्रसिद्ध रथ यात्रा आज निकलेगी। पुरी में भारी संख्या में लोग दुनियाभर से जुटना शुरू हो गए हैं। सामान्य समय में लाखों लोग #39;आषाढ़ी बीज#39; के दिन रथयात्रा के मार्ग में देवताओं और जुलूस की एक झलक पाने के लिए इकट्ठा होते हैं, जिसमें सजे-धजे हाथी और कई झांकियां शामिल होती हैं। अमित शाह ने कीमंगला आरती केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाहने सुबह करीब 4 बजे मंदिर में भगवान जगन्नाथ की मंगला आरती की। मंदिर के पुजारी नेकहा कि #39;मंगला आरती#39; परंपरा कई सालों से चली आ रही है। भगवान जगन्नाथ, उनके भाई भगवान बलभद्र और बहन सुभद्रा के रथ सुबह करीब सात बजे मंदिर परिसर से निकलेंगे। #WATCH Ahmedabad, Gujarat | Union Home Minister Amit Shah performs #39;Mangal Aarti#39; at Shree Jagannathji Mandir ahead of the 145th Lord Jagannath Rath Yatra which commences from today pic.twitter.com/brwjXjOqBomdash; ANI (@ANI) June 30, 2022 गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष सांघवी ने बुधवार को कहा कि रथ यात्रा की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस, रिजर्व पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस के 25,000 जवानों को तैनात किया जाएगा।इससे पहले सांघवी और गुजरात भाजपा के अध्यक्ष सी.आर. पाटिल ने जमालपुर इलाके में स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर का दौरा किया और कुछ अनुष्ठानों में हिस्सा लिया। सांघवी ने संवाददाताओं को बताया कि रथयात्रा के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हम नियमित सिपाही के अलावा राज्य रिजर्व पुलिस (एसआरपी) और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 68 कंपनियां तैनात करेंगे। उन्होंने कहा कि निगरानी के लिए टेक्नोलॉजी का व्यापक इस्तेमाल किया जाएगा। 25000सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे अहमदाबाद में आगामी भगवान जगन्नाथ रथयात्रा के मार्ग पर 25,000 सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे। दो साल के अंतराल के बाद यह यात्रा हो रही है इसलिए लाखों की तादात में लोगों के शामिल होने की संभावना है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। परंपरागत रूप से शहर के जमालपुर इलाके में #39;आषाढ़ी बीज#39; पर चार सौ साल पुराने मंदिर से सुबह 7 बजे से रथों के नेतृत्व में जुलूस शुरू होता है और कुछ सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील इलाको समेत पुराने शहर से गुजरने के बाद रात 8 बजे तक लौटता है। अधिकारियों ने बताया, भगवान जगन्नाथ की 145वीं रथयात्रा में 1 जुलाई को राज्यभर से लाखों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है, किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए शहर के सभी मार्गों पर कम से कम 25 हजार सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया जाएगा। ड्रोन कैमरों से असामाजिक तत्वों पर होगी नजर मंत्री ने कहा, "हम नियंत्रण कक्ष और ड्रोन से जुड़े कैमरों का उपयोग करके नजर रखेंगे। पुलिस जुलूस के मार्ग में घूमने वाले असामाजिक तत्वों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए फेस डिटेक्शन कैमरे भी लगाएगी।" जुलूस में कम से कम 18 हाथी, 100 ट्रक और 30 अखाड़े (स्थानीय व्यायामशाला) शामिल होंगे, जो दिन के दौरान 15 किमी की दूरी तय करेंगे। भगवान जगन्नाथ, उनके भाई भगवान बलभद्र और बहन सुभद्रा के रथों को परंपरा के अनुसार खलासी समुदाय द्वारा खींचा जाएगा। दो साल बाद हो रही रथयात्रा 2020 में जब गुजरात हाईकोर्ट ने कोरोना महामारी के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सार्वजनिक जुलूस की अनुमति देने से इनकार किया था तब भगवान जगन्नाथ मंदिर परिसर में एक प्रतीकात्मक रथयात्रा का आयोजन किया गया था। पिछले साल, केवल तीन रथों और दो अन्य वाहनों ने पूरे मार्ग को कवर किया था और सामान्य उत्सव के बिना वापस लौट आए थे, क्योंकि किसी अन्य वाहन, गायन मंडली, अखाड़े, हाथी या सजाए गए ट्रकों की अनुमति नहीं थी।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jul 01, 2022, 06:52 IST
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ओडिशा का पवित्र शहर पुरी आज भगवान जगन्नाथ की प्रसिद्ध रथ यात्रा आज निकलेगी।