city-and-states

सैनिटाइजर फैक्टरी लगाने के बाद ड्रग लाइसेंस के लिए दौड़ा रहे अफसर, सोशल मीडिया पर साझा की व्यथा तो मंत्री ने बुलाया

कोविड-19 महामारी के दौरान जब निवेशकों के पास पूंजी के लाले थे, बुलंदशहर के एक निवेशक ने सैनिटाइजर बनाने के नए प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया। मगर फैक्टरी लगाने के बाद उत्पाद लाइसेंस के लिए वह चार महीने से भटक रहा है। अफसरों की कार्यशैली से आजिज उसने मंगलवार को सोशल मीडिया पर व्यथा साझा की तो हड़कंप मच गया। रात में एमएसएमई मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने उद्यमी को फोन कर बुधवार को नोएडा मिलने के लिए बुलाया है। साथ ही समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया। उद्यमी पीके शर्मा की बुलंदशहर के सिंकदराबाद औद्योगिक क्षेत्र में फैक्टरी है। उन्होंने लॉकडाउन में 10 तरह के सैनेटाइजर बनाने के लिए 28 मई को ड्रग लाइसेंस के लिए आवेदन किया। स्प्रे सैनेटाइजर बनाने के लिए नई मशीन भी लगाई। फिर लखनऊ तक दौड़ लगाने के बाद 7 जुलाई को महज दो उत्पाद के लिए लाइसेंस मिला। शर्मा के मुताबिक उन्हें सर्वाधिक तकलीफ ड्रग कंट्रोलर से हुई। वहीं, स्प्रे सैनेटाइजर मशीन बेकार हो गई। इसी तरह उन्होंने सैनेटाइजर बनाने के लिए 14 जुलाई को अल्कोहल के लाइसेंस का आवेदन किया। आबकारी विभाग ने 10-15 दिन में लाइसेंस देने की बात कही। पर, एक महीने होने को हैं, अब तक लाइसेंस नहीं मिल सका है। शर्मा ने बताया कि बहुत परेशान होने पर उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी व्यथा कह लोगों से मदद की गुहार लगाई। इसके बाद एमएसएमई मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने भी उन्हें फोन किया। वह इस समय नोएडा में हैं और वहां मिलने के लिए बुलाया है। मंत्री ने उन्हें समस्या का समाधान कराने का भरोसा भी दिया है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Aug 12, 2020, 15:04 IST
पूरी ख़बर पढ़ें »




सैनिटाइजर फैक्टरी लगाने के बाद ड्रग लाइसेंस के लिए दौड़ा रहे अफसर, सोशल मीडिया पर साझा की व्यथा तो मंत्री ने बुलाया #SanitizerFactory #SocialMedia #DrugLicense #BjpMinister #MsmeMinister #LucknowNews #UttarPradeshNews #ShineupIndia