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एक्सक्लूसिव ः ग्राम पंचायत में नहीं मिली भूमि तो खुद की कर दी दान

मुरादाबाद। भूमि को लेकर अपनों से विवाद कर लेते हैं। सरकारी भूमि पर कब्जे से बाज नहीं आते। वहीं, ऐसे में ग्राम विलायतनगर की 65 वर्षीय लीला शर्मा और ग्राम दुमैला खास के सुरेश शर्मा ने सामुदायिक शौचालय व पंचायत भवन के लिए अपनी जमीन दान देकर एक मिसाल पेश की है। जिले में 584 ग्राम पंचायतें हैं। स्वच्छ भारत ग्रामीण मिशन योजना के तहत इन सभी ग्राम पंचायतों में एक पंचायत भवन और एक सामुदायिक शौचालय का निर्माण किया जाना है। सरकारी भूमि उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव, एडीओ पंचायत व लेखपाल को सौंपी गई है। इनमें से अधिकांश ग्राम पंचायतों में ग्राम समाज की भूमि मिलने से निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया है, लेकिन अभी भी करीब 50 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जहां पंचायत भवन के लिए और 30 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जहां सामुदायिक शौचालयों के निर्माण के लिए सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं हो सकी है। इनमें से अधिकांश ग्राम पंचायतों में सरकारी भूमि उपलब्ध न होने की रिपोर्ट लगा कर तहसील प्रशासन डीपीआरओ कार्यालय भेज चुका है। ऐसे में विकास खंड छजलैट की ग्राम विलायतनगर की 65 वर्षीय लीला शर्मा और ग्राम दुमैला खास के सुरेश शर्मा ने सामुदायिक शौचालय व पंचायत भवन के निर्माण के लिए खुद की भूमि दान देकर बड़ी मिसाल पेश की है। क्षेत्र के लोग इनके इस त्याग की सराहना करते नहीं थक रहे हैं। डीपीआरओ राजेश कुमार ने भी इन ग्रामीणों की दरियादिली का आभार जताया है।खुद महसूस की कमी, इसलिए भूमि की दानमुरादाबाद। ग्राम पंचायत सादकपुर खिचड़ी के ग्राम बिलायतपुर निवासी 65 वर्षीय लीला शर्मा का भरा पूरा परिवार है। लीला शर्मा ने बताया कि शादी विवाह के दौरान जब वह किसी गांव में जाती थीं तो वहां उन्हें कई बार शौचालय की कमी खली। उनके गांव में आने वाले किसी भी पुरुष व महिला को शौचालय की कमी न खले इसके लिए उन्होंने अपनी भूमि दान दी है। उनके ऐसा करने से परिवार के लोगों के साथ-साथ गांव के लोग भी खुश हैं।बड़े दान में शामिल है भूमि दानमुरादाबाद। पंचायत भवन निर्माण के लिए अपनी भूमि दान करने वाले ग्राम दुमैला खालसा निवासी पंडित सुरेश शर्मा अपने इसे कदम से खासे खुश हैं। बीस बीघे जमीन के मालिक सुरेश शर्मा ने बताया कि उनके एक बेटा व एक बेटी है। दोनों का विवाह हो चुका है। नाती-पोते हैं। धर्मग्रंथों में पढ़ते आए कि कई महत्वपूर्ण दान में गोदान, कन्यादान और भूमि दान शामिल है। गोदान व कन्यादान कर चुके हैं। पंचायत भवन के लिए मौका मिला तो भूमि दान करने की हसरत भी पूरी कर ली। बोले-निर्णय लेने से पहले घर में पुत्र वधू रजनी शर्मा से भी राय ली थी। उसने भी कहा कि आपके नाम की जमीन अगर पूरे गांव के लोगों के लिए काम आए तो इससे बेहतर और क्या हो सकता है। भूमि दान कर काफी खुशी मिल रही है।मेरे विकास खंड क्षेत्र में 77 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें से 10 ग्राम पंचायतों में शौचालय व 11 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन के लिए भूमि नहीं मिल सकी है। डीपीआरओ ने कहा कि वह कुछ लोगों से भूमि दान देने के लिए बात करें। बात की तो सबसे पहले यह दोनों लोग भूमि दान देने के लिए आगे आए। इनके अलावा दो प्रधान व दो अन्य लोग भी चार गांवों में अपनी भूमि देने को तैयार हो गए हैं। जो ग्राम पंचायतें बच गई हैं उनमें भी भूमि दान देने वालों की तलाश की जा रही है।कुलदीप सिंह, एडीओ (पंचायत) छजलैट

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Oct 18, 2020, 02:24 IST
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