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Kachchatheevu Island: फिर तमिल राजनीति के केंद्र में कच्चातीवु, इंदिरा गांधी ने श्रीलंका को सौंपा था यह द्वीप, स्टालिन ने पीएम मोदी से की वापस लेने की मांग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बृहस्पतिवार के चेन्नई दौरे में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कच्चातीवु द्वीप श्रीलंका से वापस लेने की मांग उठाई। इसके साथ ही तमिल राजनीति में एक बार फिर यह मामला गरमा गया है। वैसे जब भी राज्य और केंद्र में विरोधी दलों की सरकारें होती हैं, इस संवेदनशील विषय को उठाया जाता रहा है। हालांकि इस बार इसे लेकर भाजपा ने द्रमुक पर हमला बोला है। राज्य भाजपा के अध्यक्ष के अन्नामलाई ने कहा कि यह द्वीप 1974 में भारत-श्रीलंका समुद्री समझौते के तहत इंदिरा गांधी ने श्रीलंका को सौंप दिया था। उसके बाद से राज्य की राजनीति में स्टालिन की पार्टी द्रमुक कांग्रेस के सहयोग से सरकारें बनाती रही। केंद्र में भी कांग्रेस की सरकार रही, लेकिन तब द्रमुक या स्टालिन को यह द्वीप वापस लेने के लिए कांग्रेस पर दबाव बनाने की जरूरत नहीं महसूस हुई। अब केंद्र में भाजपा की सरकार बनने पर राजनीति के लिए यह मामला उठा रहे हैं। 163 एकड़ में फैला है यह निर्जन द्वीप कच्चातीवु द्वीप भारत और श्रीलंका के बीच स्थित है। अंग्रेजों के समय यह मद्रास प्रेसिडेंसी का हिस्सा था। हालांकि आजादी के बाद से इसके स्वामित्व को लेकर भारत और श्रीलंका में विवाद रहा। 1974 में इंदिरा गांधी ने द्वीप का प्रशासन श्रीलंका को सौंप दिया। 163 एकड़ में फैला यह द्वीप निर्जन है लेकिन दोनों देशों के मछुआरे इसके पास मछली पकड़ने जाते हैं। कई बार श्रीलंका इसके पास भारतीय मछुआरों को पकड़ चुका है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: May 27, 2022, 04:41 IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बृहस्पतिवार के चेन्नई दौरे में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कच्चातीवु द्वीप श्रीलंका से वापस लेने की मांग उठाई।