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कोरोना नहीं हाइपोथर्मिया का मरीज बताती हैं इंफॉरेट थर्मल गन

मुरादाबाद। कोरोना काल में आम लोगों की जुबान पर कई शब्द रट गए हैं। इंफ्रारेड गन और थर्मल स्क्रीनिंग ऐसे ही नाम हैं। इंफ्रारेड गन बॉडी टेंपरेचर मापने की सेंसर इलेक्ट्रानिक मशीन है। इंसान के माथे पर या उससे कुछ दूरी पर गन लगाकर बॉडी टेंपरेचर मापा जाता है। इसकी प्रमाणिकता सटीक नहीं है। इसके बाद भी कोरोना काल में पूरे देश में इन्हीं मशीनों के भरोसे कोरोना संक्रमितों की स्क्रीनिंग की खानापूर्ति हो रही है। इंफ्रारेड थर्मल गन स्क्रीनिंग में स्वस्थ इंसान को कोरोना तो नहीं हाईपोथर्मिया का मरीज जरूर बता रही हैं। स्क्रीनिंग में 95 डिग्री फॉरेनहाइट बॉडी टेंपरेचर आ रहा है, जो कि हाईपोथर्मिया के लक्षण हैं। इंफ्रारेड गन चीन निर्मित हैं। देश के कुछ अस्पतालों और क्लीनिकों में डाक्टर बुखार नापने के लिए इस्तेमाल जरूर करते आए हैं। लेकिन इसमें मरीज का बुखार तीन से पांच सेंटीमीटर की दूरी से मापा जाता है। इसके बाद भी पारंपरिक थर्मामीटर के बराबर सटीक नहीं है। कोरोना की दहशत के बाद निजी और सरकारी अस्पताल ही नहीं निजी कंपनियों ने कर्मचारियों का बॉडी टेंपरेचर मापने के लिए इंफ्रारेड थर्मल गनों की खरीद की। 1499 रुपये की गन पांच से सात हजार रुपये तक बिकी। स्वास्थ्य विभाग कोरोना काल में इन्हीं मशीनों से आशंकित और प्रवासियों का बॉडी टेंपरेचर माप रहा है। कोरोना में बुखार मुख्य लक्षण है। हालांकि, मुरादाबाद में पॉजिटिव 173 मरीजों में 90 फीसदी में कोई लक्षण ही नहीं पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी दो से तीन फीट की दूरी से बॉडी टेंपरेचर ले रहे हैं। दूरी के हिसाब से टेंपरेचर भी हर बार अलग आता है। कई लोगों का बॉडी तापमान 95 डिग्री फॉरेनहाइट से नीचे आ रहा है। इस बॉडी टेंपरेचर को मेडिकल साइंस में हाईपोथर्मिया कहते हैं। इसमें इंसान का जिंदा रहना संभव नहीं होता। सियाचीन और कई बर्फीले इलाकों में हाईपोथर्मिया की वजह से लोगों की जान चली जाती है। मुरादाबाद में सामान्य तापमान भी 41 डिग्री सेल्सियस है। ऐसे में मशीनें एक स्वस्थ इंसान को हाईपोथर्मिया का मरीज दर्शा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग आशंकितों के सैंपल बढ़ाने के बजाय मशीन के भरोसे ही आशंकितों पर कोरोना मरीज का ठप्पा और सही होने का प्रमाण पत्र दे रहा है। इस औपचारिकता से कोरोना के मरीजों को चिह्नित करना और संक्रमण को रोकना संभव नहीं है। - इंफ्रारेड थर्मल गन से बॉडी टेंपरेचर मापने की अस्थायी और वैकल्पिक व्यवस्था है। पारे वाले मैनुअल थर्मामीटर से ही सही बॉडी टेंपरेचर मापा जाता है। कोरोना संक्रमित व्यक्ति में बुखार मुख्य लक्षण है। सोशल डिस्टेसिंग और मैनुअल थर्मामीटर से बॉडी टेंपरेचर मापना संभव नहीं है। - डा. एमसी गर्ग, सीएमओ - थर्मन गन सेंसर की मदद से बॉडी का टेंपरेचर मापती है। तीन से पांच सेंटीमीटर की दूरी से सटीक तापमान मापा जा सकता है, लेकिन स्क्रीनिंग करने वाली टीमें कोरोना की डर से दो फीट से अधिक दूरी से बॉडी टेंपरेचर ले रही हैं, जो सटीक नहीं आ सकता। - डा. संजीव बेलवाल, अधीक्षक कोविड एल-1 अस्पताल- स्वस्थ व्यक्ति का बॉडी टेंपरेचर 98.6 डिग्री फॉरेनहाइट होता है। 100 डिग्री बुखार की श्रेणी और 95 डिग्री से नीचे मेडिकल साइंस में हाईपोथर्मिया कहा जाता है। इंफॉरेट थर्मल गन से कई लोगों का बॉडी तापमान 94 से 96 के बीच आ रहा है। अलग-अलग दूरी से मापने पर अलग-अलग आता है। - डा. प्रवीण शाह, फिजिशियन, जिला अस्पताल

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: May 23, 2020, 02:27 IST
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