international

India china disputes: चीन में भारतीय अखबारों व वेबसाइटों पर रोक  

भारत और चीन के बीच 15 जून के गतिरोध के बाद जारी तनातनी के बीच चीन में भारतीय अखबारों व वेबसाइटों पर रोक लगा दी गई है। चीनी सरकार ने भारत में चीनी एप पर बैन से कई दिन पहले भारतीय वेबसाइटों पर रोक लगा दी थी। हालांकि चीन में लोग भारतीय मीडिया की वेबसाइटों को वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) सर्वर के जरिये एक्सेस कर सकते हैं। वहीं भारतीय टीवी चैनलों को भी आईपी टीवी के जरिये ही देखा जा रहा है। हालांकि बीते दो दिन से चीन में आईफोन के अलावा डेस्कटॉप पर एक्सप्रेस वीपीएन भी काम नहीं कर रहा है। वीपीएन पब्लिक इंटरनेट कनेक्शन से प्राइवेट नेटवर्क बनाकर यूजर को ऑनलाइन प्राइवेसी प्रदान करता है। यह एक मुखौटा आईपी एड्रेस बनाता है जिससे यूजर का पता लगाना काफी मुश्किल होता है। लेकिन चीन ने ऐसी एडवांस फायरवाल तकनीक बना ली है जो वीपीएन को भी ब्लॉक कर सकती है। वैसे भी चीन दुनियाभर में ऑनलाइन सेंसरशिप के लिए बदनाम है। कोई भी वेबसाइट या लिंक जो उसकी कम्युनिस्ट पार्टी के खिलाफ काम करती है, चीन में उसे प्रतिबंधित कर दिया जाता है। चीन में दुनिया का सबसे परिष्कृत सेंसरशिप प्रणाली है, जिसे ग्रेट फायरवॉल के तौर पर जाना जाता है। चीनी सरकार आईपी एड्रेस ब्लॉक कर, डीएनएस अटैक, यूआरएफ को फिल्टर कर मीडिया को नियंत्रित करती है। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट में नवंबर में छपे एक आर्टिकल के मुताबिक, बीते एक साल में चीन में दस हजार से ज्यादा वेबसाइटों को ब्लॉक किया गया है। इसमें फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप, न्यूज वेबसाइट ब्लूमबर्ग, द वॉल स्ट्रीट जर्नल, द न्यूयॉर्क टाइम्स, गूगल ड्राइव और ड्रॉपबॉक्स जैसी साइटें शामिल हैं।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jul 01, 2020, 07:57 IST
पूरी ख़बर पढ़ें »




India china disputes: चीन में भारतीय अखबारों व वेबसाइटों पर रोक   #Website #Newspaper #IndiaChinaDispute #China #ShineupIndia