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सात परेशानियां हैं तो मरीज को कोविड सेंटर रेफर करें: प्रमुख सचिव

दो दिन से 101 डिग्री से ऊपर बुखार रहना, 120 से ज्यादा पल्स रेट होना, श्वास गति 30 प्रति मिनट से ज्यादा होना जैसी सात परेशानियां होने पर निजी चिकित्सकों को मरीज को कोविड सेंटर रेफर करना पड़ेगा। साथ ही निजी चिकित्सकों और अस्पतालों में सैंपल लेने की व्यवस्था की जाएगी, इसके लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य आलोक कुमार ने शनिवार को आईएमए प्रतिनिधियों, निजी चिकित्सकों और नर्सिंग होम संचालकों के साथ मेडिकल कालेज में बैठक की। मरीज का कमजोर होना, 101 डिग्री से ऊपर बुखार रहना, सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर 90 से कम होना, श्वास गति 30 प्रति मिनट से ज्यादा होना, ऑक्सीजन स्तर/सेचुरेशन 90 से कम होना और विभिन्न अंगों के अक्रियाशील होना सात परेशानियों के चलते मरीजों को एल-3 अस्पताल के लिए भेजना होगा। प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य ने कहा कि निजी डॉक्टर और नर्सिंग होम संचालक कोरोना नियंत्रण में सहयोग करें। निजी चिकित्सकों और नर्सिंग होम में कोरोना जांच के सैंपल लेने की व्यवस्था करने और सैंपल को मेडिकल कॉलेज, सुभारती, एनसीआर मेडिकल कॉलेज में भेजा जाए, जिससे 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट आ जाए। इसके लिए उन्होंने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन करने के निर्देश दिए, जिसमें मुख्य चिकित्सा अधिकारी, प्रधानाचार्य मेडिकल कॉलेज और आईएमए के अध्यक्ष होंगे।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Nov 22, 2020, 02:08 IST
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