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संक्रमण ठीक होने के बाद बढे़ दिल के रोग, 100 मरीजों पर किए अध्ययन में खुलासा

केस एक:भारतीय मूल के 44 वर्षीय नागरिक की 8 जून को हृदय संबंधी तकलीफ के बाद सिंगापुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसी दिन उसकी मौत हो गई। 10 जून को उसमें कोरोना वायरस की पुष्टि हुई। केस दो :कर्नाटक के विजयपुरा में 42 वर्षीय एक ड्राइवर की हार्ट अटैक से मौत हो गई। उसके संपर्क में रहने वाले दो लोग संक्रमित हुए थे। दो दिन बाद उसकी रिपोर्ट आई तो उसमें भी कोरोना की पुष्टि हुई थी। कोरोना वायरस फेफड़ों का ही नहीं दिल का भी दुश्मन है। संक्रमण से ठीक हुए लोगों को फेफडों के रोगों से तो निजात मिल जा रही है लेकिन उसके बाद वे दिल की बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। कोरोना संक्रमित मरीजों या ठीक हो चुके लोगों की अचानक हार्ट अटैक से मौत हो रही है। जर्मनी के वैज्ञानिकों ने दो अध्ययनों के आधार पर हैरान करने वाला खुलासा किया है। एमआरआई जांच में 78 मरीजों का हृदय क्षतिग्रस्त दिखा जर्मनी के यूनिवर्सिटी ऑफ फ्रैंकफर्ट के शोधकर्ताओं के अध्ययन में 50 मरीज ऐसे थे जिन्हें संक्रमण से पहले कोई स्वास्थ्य संबंधी तकलीफ नहीं थी। बाकी 50 मरीजों को हृदय संबंधी कोई न कोई तकलीफ थी। मरीजों के हृदय की एमआरआई जांच हुई तो 78 मरीजों का हृदय क्षतिग्रस्त मिला और 60 के हृदय में सूजन दिखी। 76 फीसदी से अधिक मरीजों में ट्रोपोनिन प्रोटीन की मात्रा अधिक थी। ऐसा उन मरीजों में देखने को मिलता है, जिन्हें हार्ट अटैक आता है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Aug 01, 2020, 05:13 IST
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