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हरदोई जिंप अध्यक्ष चुनाव: पति की तपस्या का प्रेमा ने पाया फल, पिता बेचते थे कोयला, संघर्षों से सब कुछ बनाया

हरदोई में जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं प्रेमावती को उनके पति प्रदीप कुमार उर्फ पीके वर्मा के संघर्षों का फल मिला है। हालात के मुताबिक पीके वर्मा राजनीतिक दल भले ही बदलते रहे हों, लेकिन सामाजिक कार्यों के साथ राजनीति में उनकी सक्रियता बनी रही। कभी राज्य अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य रहे पीके वर्मा ने विधानसभा चुनाव में टिकट हासिल करने के लिए छह माह पहले ही पद छोड़ दिया था। प्रेमावती दो विषयों से परास्नातक हैं। वर्ष की शुरुआत तक वह बावन विकास खंड में सहायक अध्यापिका के पद पर तैनात थीं। चुनाव लड़ने के लिए उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी। उनका खुद का भले ही कोई राजनीतिक जीवन न रहा हो, लेकिन पति पीके वर्मा दो दशक से राजनीति में सक्रिय हैं। सिविल इंजीनियर पीके वर्मा धोबी बिरादरी से आते हैं। राजनीति में वर्ष 2000 से सक्रिय पीके वर्मा ने वर्ष 2007 में तत्कालीन बावन-हरियावां विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन तीसरे स्थान पर रहे थे। इसके बाद वह सत्ता के साथ दल बदलते रहे। सपा सरकार में वर्ष 2015 में हुए पंचायत चुनाव में छोटे भाई की पत्नी रंजिता को सांडी का ब्लाक प्रमुख बनवाने में भी पीके वर्मा कामयाब हो गए थे।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jul 03, 2021, 22:54 IST
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हरदोई में जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं प्रेमावती को उनके पति प्रदीप कुमार उर्फ पीके वर्मा के संघर्षों का फल मिला है। हालात के मुताबिक पीके वर्मा राजनीतिक दल भले ही बदलते रहे हों, लेकिन सामाजिक कार्यों के साथ राजनीति में उनकी सक्रियता बनी रही।