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Bhutan: भूटान के पूर्व पीएम भारत और चीन से की ये खास अपील, यूएन में हिंदुस्तान की स्थाई सदस्यता का समर्थन किया

भूटान के पूर्व प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे ने कहा कि भारत और चीन को पड़सी देशों के आंतरिक मामलों में दखल नहीं देना चाहिए। उन्होंने ये बयान थिंक टैंक सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए दिया। उन्होंने कहा कि जब तक दोनों देश उनके आंतरिक मामलों में दखल देते रहेंगे, तब तक भारत और चीन के बीच में बसे देश अपने विकास पर ध्यान नहीं दे पाएंगे। वे यहां पूर्व विदेश सचिव श्याम सरन के एक सवाल का जवाब दे रहे थे। इस दौरान उन्होंने यूएन में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन भी किया। नहीं रुकने वाली है भारत की विकास यात्रा थिंक टैंक सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च की ओर से आयोजित व्याख्यान में भूटान के पूर्व प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे ने कहा कि चीन विकसित होता जा रहा है। चीन पहले से ही बढ़ रहा है, वे बढ़ते रहेंगे। भारत भी बढ़ रहा है और क्योंकि भारत इस समय दुनिया का सबसे तेज बढ़ती आबादा वाला देश है साथ ही यहां सबसे ज्यादा युवा आबादी है। ऐसे में भारत की विकास यात्रा भी रुकने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे में सवाल इन दोनों देशों के पड़ोसी देशों के लिए है, वे देश जो सैंडविच हैं, क्या हम बढ़ने जा रहे हैं या नहीं। तोबगे ने यहां भारत की सराहना करते हुए कहा कि भारत ने अपने पड़ोसियों के प्रति हमेशा प्रतिबद्धता को दर्शाया है, मगर वे सार्थक क्षेत्रीय सहयोग के मकसद से इस अवसर का लाभ नहीं उठा पाए। यूएन में भारत की स्थायी सदस्यता को लेकर दिया बयान उन्होंने यूएन में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन करते हुए कहा कि दुनिया को भारत से बहुत कुछ मिलेगा। भूटानी नेता ने 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से सार्क (एसएएआरसी) देशों के नेताओं को आमंत्रित किए जाने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सार्क के बाहर किसी भी देश ने ऐसा सम्मान सदस्यों को नहीं दिया।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Aug 14, 2022, 22:57 IST
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भूटान के पूर्व प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे ने कहा कि भारत और चीन को पड़सी देशों के आंतरिक मामलों में दखल नहीं देना चाहिए। उन्होंने ये बयान थिंक टैंक सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए दिया।