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दिनेश ने जोनिथ टाउनशिप में निवेश किए थे पांच करोड़

दिनेश ने जोनिथ टाउनशिप में निवेश किए थे पांच करोड़मेरठ। 3500 करोड़ रुपये के बाइक बोट घोटाले में यूपी पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) मेरठ सेक्टर की टीम ने शनिवार को दिनेश पांडे को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया है। नोएडा में दर्ज 57 मुकदमों की ईओडब्ल्यू मेरठ सेक्टर की टीम जांच कर रही है। मामले में अभी तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। केस दर्ज होते ही दिनेश विदेश भाग गया था। आरोपियों ने श्रीलंका, भूटान, मलेशिया, कनाडा, थाइलैंड आदि देशों में होटल-रिसोर्ट आदि का कारोबार शुरू करने के बारे में बताया था।ईओडब्ल्यू, बिजेंद्र को संजय भाटी के बाद फर्जीवाड़े का दूसरा सबसे बड़ा मास्टर माइंड बता रही है। आरोपी के विदेश में छुपे होने की जानकारी मिलने पर ईओडब्ल्यू ने उसकी तलाश के लिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने की तैयारी शुरू कर दी है। दिनेश पांडे का संपर्क 2012 में बिजेंद्र सिंह हुड्डा से हुआ। पेंटल टेक्नोलॉजी लिमिटेड के नाम से बिजेंद्र की फर्म थी, जो दवा बनाने व बेचने का काम करती थी। 2017 में दिनेश ने बिजेंद्र से कहा कि हम दोनों कंपनियों में रियल स्टेट में एक साथ काम करते हैं। जिसके बाद दिनेश ने अपनी जोनिथ टाउनशिप में पांच करोड़ रुपये निवेश किए। बिजेंद्र हुड्डा व संजय भाटी ने लगभग डेढ़ सौ करोड़ रुपये विभिन्न कंपनियों के खाते से प्राप्त किए। जिसका न तो एग्रीमेंट है न ही लिखापढ़ी। एसपी डॉ. रामसुरेश यादव ने बताया कि दिनेश पांडे पुत्र राजमनी मूल निवासी गांधी नगर दिल्ली जो नोएडा में रहता था। साल 2017 में बाइक बोट का प्रकरण शुरू हुआ तो दिनेश पांडे, संजय भाटी व बिजेंद्र सिंह हुड्डा के साथ मिलकर अलग-अलग कंपनियों व संपत्तियों में पैसा निवेश किया। गर्वित और इंडिपेंडेंट टीवी से उसकी कंपनी में लगभग 150 करोड़ रुपये आए थे। उन पैसों का जब हिसाब पूछा गया तो लगभग 60 करोड़ ही गर्वित व इंडिपेंडेंट टीवी को वापस करना तथा शेष बची धनराशि को जमीन जायदाद विश्वविद्यालय व ट्रस्ट में निवेश किया।दिनेश पांडे ने अपनी कंपनी सामग्र इंडस्ट्री, सामक रियल्टी प्रा. लिमिटेड, जोनिथ टाउनशिप प्रा. लिमिटेड, फेयर टाउनशिप प्रा. लिमिटेड तथा सागाशिप मैनेजमेंट प्रा. लिमिटेड नामक कंपनी में पैसे का लेनदेन संजय भाटी, सचिन भाटी, बिजेंद्र हुड्डा, बीएन तिवारी इन लोगों के रिश्तेदारों एवं अन्य डायरेक्टर द्वारा संचालित कंपनियों में किया गया। नोबेल कोऑपरेटिव बैंक के संस्थापक और सीईओ वीके शर्मा को ईओडब्ल्यू मेरठ सेक्टर की टीम ने 3 दिन पहले गिरफ्तार किया था।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Nov 22, 2020, 02:14 IST
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