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लब खामोश, लेकिन व्यवस्था की पोल खोल रहा आंसूओं का सैलाब, प्लाजमा के अभाव में दम तोड़ रहे जरूरतमंद

हर तरफ मातम है। लोग अपनों के जाने के गम में डूबे हैं। लब खामोश हैं, लेकिन उनके आंसू व्यवस्था की पोल खोल रहे हैं। प्राइवेट अस्पताल मरीजों को भर्ती नहीं कर रहे और मेडिकल कॉलेज में लंबी लाइन लगी है। हालात ये हैं कि मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी के बाहर मरीज गाड़ियों और एंबुलेंसों में ऑक्सीजन लगाए भर्ती के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। व्यवस्था चौपट है, लेकिन देखने वाला कोई नहीं है। प्राइवेट चिकित्सक मरीजों को साफ कह रहे हैं कि अगर आपको बुखार है तो हम नहीं देखेंगे। ऐसे में मरीज जाए कहां, किसे दिखाए। वहीं कुछ मेडिकल स्टोर संचालक महामारी के दौर में खूब कमाई कर रहे हैं। लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर महंगे दाम में दवाइयां बेच रहे हैं। हर तरफ आम आदमी तड़प रहा है और इंसानियत दम तोड़ रही है

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: May 04, 2021, 15:42 IST
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हालात ये हैं कि मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी के बाहर मरीज गाड़ियों और एंबुलेंसों में ऑक्सीजन लगाए भर्ती के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं -