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कोरोना जांच का डाटा नहीं दे पाया सीएमओ कार्यालय, हाईकोर्ट ने लौटाया सीएमओ का हलफनामा

जिले में कोरोना मरीजों की जांच, जांच रिपोर्ट देने का समय आदि की जानकारी से संबंधित डाटा सीएमओ कार्यालय में पेश नहीं कर सका। कोर्ट ने सीएमओ द्वारा दाखिल हलफनामे को असंतोषजनक बताते हुए लौटा दिया और अगली तारीख पर पूरी जानकारी के साथ सीएमओ को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। साथ प्रदेश के अन्य जिलों की रिपोर्ट भी प्रस्तुुत करने के लिए कहा है। प्रदेश में कोराना महामारी से बचाव और रोक थाम के प्रयासों की मॉनिटरिंग कर रही हाईकोर्ट के जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस अजीत कुमार की खंडपीठ ने पिछली सुनवाई पर सीएमओ को यह बताने का निर्देश दिया था कि कोराना संदिग्ध लोगों की जांच रिपोर्ट देने में इतना अधिक समय क्यों लग रहा है। यह भी पूछा था कि हर दिन कितने लोगों की जांच की जा रही है। सीएमओ के हलफनामे में इन बातों की कोई जानकारी नहीं दी गई जिस पर कोर्ट ने कहा कि इससे जाहिर है कि सीएमओ कार्यालय प्रयागराज उस तरह से काम नहीं कर रहा है जैसा इसे करना चाहिए। आज के समय में जब सभी डेटा डिजिटल रिकार्ड के रूप में उपलब्ध हैं सीएमओ द्वारा रिकार्ड प्रस्तुत न कर पाना आश्चर्य जनक है। अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने कोर्ट को बताया कि प्रयागराज सहित प्रदेश के अन्य जिलों में शारीरिक दूरी और मास्क लगाने के नियम का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है और पुलिस इसके लिए 24 घंटे प्रयासरत है। अपर महाधिवक्ता ने यह भी आश्वासन दिया कि प्रदेश में प्राइवेट अस्पताल, नर्सिंग होम और क्लीनिक 16 जून और 10 जुलाई को जारी शासनादेशों के अनुसार ही संचालित होने दिए जाएंगे। प्राइवेट अस्पतालों को ट्रू नॉट मशीन लगाने के लिए कहा है। वर्तमान में कमलानेहरू हास्पिटल और नाजरेथ हॉस्पिटल में ट्रूनॉट मशीनें लगी हैं। अन्य प्राइवेट अस्पतालों को इसे लगाने के लिए कहा गया है। ई नोटिस के लिए हाईकोर्ट बार करेगा प्रयास हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरेंद्र नाथ सिंह ने कोर्ट से कहा कि वह ई नोटिस सरकारी विभागों को उपलब्ध कराने के बारे में प्रदेश के अधिकारियों से बात करेंगे। उन्होंने मैन्युअल फाइलिंग में सोशल डिस्टेंसिंग को बनाए रखने में आ रही समस्या का भी शीघ्र हल निकालने का भरोसा दिया। हाईकोर्ट परिसर में जो अधिवक्ता बिना मास्क के आ रहे हैं उनसे भी अपील की जाएगी कि मास्क अवश्य लगाएं। पुलिस नहीं रोकती अतिक्रमण अदालत में हाजिर नगर आयुक्त रवि रंजन ने बताया कि शहर में अतिक्रमण अभियान चलाया जा रहा है। मगर अतिक्रमण हटाने के बाद दुबारा न होने पाए यह सुनिश्चित करना संबंधित थाने की पुलिस की जिम्मेदारी है। नगर निगम पिछले दस वर्षों से लगातार अतिक्रमण हटाने की जानकारी पुलिस को दे रहा है ताकि वहां दुबारा अज्ञ्तिक्रमण न हो। मगर पुलिस कोई रोकथाम नहीं करती है। इस पर कोर्ट ने नगर निगम को पिछले दस वर्षों का रिकार्ड प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि दो गज की दूरी मास्क भी है जरूरी नियम का कड़ाई से पालन कराया जाए और सीएमओ अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करें। अगली सुनवाई 17 अगस्त को होगी।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Aug 07, 2020, 19:46 IST
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