city-and-states

जनपद में तेजी से पैर पसार रहा कोरोना संक्रमण

शामली। जनपद में लगातार कोरोना पॉजिटिव केस की संख्या बढ़ती जा रही है। पहले अधिकतर केस में कोरोना के लक्षण दिखाई नहीं देते थे, लेकिन अब कुछ दिन से कोरोना के लक्षण दिखाई देने लगे हैं। कोरोना के लक्षण उभरकर सामने आने से स्वास्थ्य विभाग की भी चिंता बढ़ रही है। इस स्थिति को देखकर कोरोना का खतरनाक स्टेज की तरफ बढ़ने का संकेत माना जा रहा है। ऐसे में लोगों को बचाव के लिए बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है।जनपद में अब तक 177 कोरोना पॉजिटिव केस मिल चुके हैं, जबकि इनमें 149 लोग ठीक हो चुके हैं। लॉकडाउन के 66 दिन में 37 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए थे। एक जुलाई से अनलॉक-वन शुरू हुआ और अब अनलॉक टू चल रहा है। अनलॉक वन में 100 और अनलॉक टू में अब तक 40 केस कोरोना पॉजिटिव के सामने आ चुके हैं। यानी 42 दिन में 140 केस मिले हैं। व्यापारी, पुलिसकर्मी, स्वास्थ्य कर्मी, निजी डॉक्टर और नर्सिंगहोम के स्टाफ तक में कोरोना संक्रमण पाया जा चुका है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जनपद में कोरोना संक्रमण तेज रफ्तार से फैल रहा है। इसके साथ ही अब कोरोना संक्रमण में बदलाव भी देखने को मिल रहा है। पहले कोरोना पॉजिटिव केस में अधिकतर बिना लक्षण वाले रहे हैं, लेकिन अब लोगों में कोरोना के लक्षण दिखाई देने लगे हैं, जो खतरनाक स्टेज की तरफ बढ़ने का संकेत बताया जा रहा है। पिछले करीब एक महीने में 12 से ज्यादा केस कोरोना के लक्षण दिखाई देने वाले मिल चुके हैं। ऐसी स्थिति में लोगों को कोरोना से बचाव के लिए संभलने और सावधानी बरतने की बेहद जरूरत है। अगर इस स्थिति में लापरवाही बरती गई तो कोरोना संक्रमण की चपेट में आने का खतरा हो सकता है। प्राइवेट लैब में करा रहे जांचसंपन्न परिवार के लोग सांस लेने में परेशानी, नजला, जुकाम, खांसी और बुखार आदि दिखाई देने पर दूसरे जिलों में प्राइवेट लैब में जांच करानी शुरू कर दी है। जांच में पॉजिटिव आने पर इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को समय पर नहीं मिल पाती, जिसके चलते संक्रमण की रोकथाम के इंतजाम भी समय रहते नहीं हो पाते। ऐसी स्थिति में संक्रमण फैलने का खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है।केस एकशहर की एक पॉश कालोनी में एक महिला को कोरोना के लक्षण दिखाई देने पर प्राइवेट लैब में जांच कराई गई। महिला कोरोना पॉजिटिव आने पर परिजन उसका उपचार बाहर गैर जनपद में अपने स्तर पर करा रहे हैं। इसकी जानकारी स्वास्थ्य टीम को कई दिन बाद मिली। हालांकि स्वास्थ्य अधिकारी यह कहकर पल्ला झाड़ने की कोशिश करते है कि उनके यहां सैंपल नहीं हुआ है।केस दोकस्बा कैराना निवासी महिला को सांस लेने में परेशानी होने पर परिजन उसे लेकर सीएचसी पहुंचे। चिकित्सक ने कोरोना के लक्षण दिखाई देने पर महिला का सैंपल लिया गया। महिला की हालत गंभीर देखते हुए उसे तत्काल मेरठ मेडिकल रेफर कर दिया गया।केस तीनशामली निवासी एक महिला को बुखार, खांसी और जुकाम होने पर परिजन करीब 20 दिन पहले सीएचसी पहुंचे। वहां सैंपल लिया गया। सैंपल की जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी। इसके बाद उसे कोविड अस्पताल में भर्ती कर उपचार दिया गया था।कोटजनपद में कोविड-19 सर्विलांस अभियान के तहत डोर-टू-डोर सर्वे चल रहा है। इसमें कोरोना के संदिग्ध लक्षण वाले लोगों के सैंपल लिए जा रहे हैं। जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उन्हें उपचार दिया जा रहा है। - डॉ. श्रीकांत शर्मा, एसीएमओ, जिला सर्विलांस अधिकारी।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jul 12, 2020, 23:54 IST
पूरी ख़बर पढ़ें »

Read More:
Corona infection



जनपद में तेजी से पैर पसार रहा कोरोना संक्रमण #CoronaInfection #ShineupIndia