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दिल्ली में बढ़ रहे माइक्रो कंटेनमेंट जोन: 22 दिनों में आठ बार घटे कोरोना के मामले, पर कंटेनमेंट जोन पर नहीं पड़ा असर

राजधानी में बीते सप्ताह से कोरोना संक्रमण के मामलों में लगातार कमी देखी जा रही है। लेकिन, इसके विपरति गली मोहल्लों में कंटेनमेंट जोन की संख्या बढ़ती चली जा रही है। ऐसे में इस बात में कोई संदेह नहीं है कि हर गली-मोहल्लों में कोरोना का मरीज मौजूद है। यही वजह है कि बीते 22 दिनों में आठ बार कोरोना के नए मामलों में कमी आने के बाद भी कंटेनमेंट जोन की संख्या में कमी नहीं हुई है। दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो 31 दिसंबर को जिस समय कोरोना के 1796 नए मरीज मिले थे, तब केवल 914 ही कंटेनमेंट जोन पाए गए थे। इसके बाद कोरोना के बढ़ते नए मामलों के साथ नए कंटेनमेंट जोन की संख्या भी बढ़ती गई। पांच जनवरी तक दिल्ली में कोरोना के नए मामले 10 हजार के आंकड़े को पार कर चुके थे। वहीं, कंटेनमेंट जोन की संख्या 3908 पर पहुंच गई थी। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार माइक्रो कंटेनमेंट जोन की संख्या बढ़ने से कंटेनमेंट जोन की आंकड़ा बढ़ रहा है, जबकि पहले मध्यम लक्ष्णों से लेकर गंभीर मरीजों के आसपास ही कंटेनमेंट जोन निर्धारित होता था। 10 जनवरी को पहली बार कम हुए थे कोरोना के नए मरीज कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच 10 जनवरी को पहली बार कोरोना की नई लहर में मामलों में कमी देखी गई थी। इस दिन 19166 कोरोना के नए मरीज मिले थे, जबकि इससे एक दिन पहले 22751 मरीज पाए गए थे। लेकिन, कोरोना के नए मामले कम होने के बाद भी कंटेनमेंट जोन की संख्या कम नहीं हुई। 10 जनवरी को कंटेनमेंट जोन की संख्या 14200 रिकॉर्ड की गई थी। 13 जनवरी को अब तक के सबसे अधिक 28867 मामले मिलने के बाद 14 जनवरी को 24383 नए मामले मिले वहीं कंटेनमेंट जोन की संख्या 27531 दर्ज हुई। इसके अगले दिन 201718 मरीज मिले, जबकि कंटेनमेंट जोन बढ़कर 30742 पर पहुंच गए। लगातार नए मामलों में हो रही कमी का सिलसिला 16 जनवरी को भी जारी रहा और 18286 नए मामले मिले, लेकिन कंटेनमेंट जोन की संख्या बढ़कर 32983 पर पहुंच गई। इसी प्रकार 17 जनवरी को नए मामले घटकर 12527 पर पहुंच गए, जबकि कंटेनमेंट जोन 34958 हो गए। 18 जनवरी को 11684 मरीज मिले, जबकि जोन की संख्या 37540 पर पहुंच गई। 19 जनवरी को नए मामलों की संख्या में इजाफा देखने को मिला और यह बढ़कर 13785 हो गए, जबकि जोन की संख्या 39489 दर्ज हुई। हालांकि, 20 जनवरी को नए मामले घटे और यह 12306 रिकॉर्ड किए गए, लेकिन जोन की संख्या 40 हजार के आंकड़ों को पार करते हुए 40756 हो गई। 21 जनवरी को मामले घटकर 10756 पर पहुंचे हैं लेकिन, इसके विपरित जोन की संख्या बढ़कर 42239 हो गई है। जोन निर्धारण में पुराने नियमों का हो रहा पालन दिल्ली में कोरोना की बीती लहरों के साथ कंटेनमेंट जोन के नियमों में बदलाव किए गए हैं। वर्तमान में सरकार ने नए मरीजों के लिए क्वारंटीन का समय सात दिन निर्धारित किया है। ऐसे में किसी गली-मोहल्ले में नया मरीज मिलने पर उसके घर के आसपास के सीमित क्षेत्र को बंद कर सिविल डिफेंस कर्मी को तैनात किया जाता है। हालांकि, दिल्ली में ऐसे माइक्रो कंटेनमेंट जोन की संख्या अधिक है, जिन्हें कंटेनमेंट जोन की श्रेणी में गिना जाता है। वहीं, ओमीक्रॉन से मरीज तीन से पांच दिनों में ही ठीक हो रहा है, लेकिन कंटेनमेंट जोन को 14 दिनों तक रखा जाता है। यह नियम डेल्टा वैरिएंट के समय आई लहर के दौरान तय किया गया था।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jan 22, 2022, 20:30 IST
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राजधानी में बीते सप्ताह से कोरोना संक्रमण के मामलों में लगातार कमी देखी जा रही है। लेकिन, इसके विपरति गली मोहल्लों में कंटेनमेंट जोन की संख्या बढ़ती चली जा रही है।