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पॉलिटेक्निक प्रवेश परीक्षा प्रक्रिया में बदलाव, फेशियल रिकॉग्निशन सॉफ्टवेयर से पहचाने जाएंगे छात्र

उत्तर प्रदेश के पॉलीटेक्निक संस्थानों में आयोजित होने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा में बैठने वाले छात्र अब फेशियल रिकॉग्निशन सॉफ्टवेयर के जरिए पहचाने जाएंगे। कोविड-19 से बचाव के नियमों के चलते विभाग प्रवेश परीक्षा में पहली बार इस तकनीक का इस्तेमाल करने जा रहा है। अंगूठे के इस्तेमाल से होने वाली बायोमीट्रिक हाजिरी इस बार नहीं ली जाएगी। इस बार पॉलीटेक्निक संस्थानों में दाखिले के लिए आयोजित होने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा की व्यवस्था व प्रक्रिया काफी हद तक बदली रहेगी। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए विभाग ने यह बदलाव किया है। बायोमीट्रिक हाजिरी में अंगूठे का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन कोविड-19 के बचाव के नियमों के तहत अंगूठे का इस्तेमाल करना फिलहाल वर्जित है। इसलिए विभाग पहली बार फेशियल रिकॉग्निशन सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करने जा रहा है। इस सॉफ्टवेयर की मदद से असली परीक्षार्थियों की पहचान की जाएगी। ताकि दाखिला लेते वक्त छात्र फर्जीवाड़ा न हो सके। संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद के सचिव एसके वैश्य ने बताया कि प्रवेश परीक्षा में बैठने वाले सभी छात्रों की परीक्षा केंद्रों की कक्षाओं में फोटो ली जाएगी। इसके बाद दाखिले के समय इस सॉफ्टवेयर की मदद से छात्रों की पहचान की जाएगी। सचिन ने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए यह तकनीक काफी सुरक्षित है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jun 07, 2020, 13:50 IST
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