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दुनिया को अलविदा कह गए पांच दोस्त: बुझ गए घरों के चिराग, सभी रहते थे एक ही जगह, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

बच्चों को यदि रविवार दोपहर बाद बाहर जाने से रोक लेते तो, घर के चिराग नहीं बुझते। पांचों नोएडा के सलारपुर गांव की एक बिल्डिंग में रहते थे। आपस में सबकी दोस्ती थी और एक साथ ही दुनिया को अलविदा कर दिया। यह दर्द हैं उन पांच परिवारों का, जो अपने बच्चों के शव का पोस्टमार्टम करवाने सोमवार दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल पहुंचे थे। सभी का रो-रोकर बुरा हाल था। परिजनों को यकीन ही नहीं हो रहा था कि उनके बच्चे उन्हें छोड़कर चले गए हैं। मुर्दाघर के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था। सबसे दर्दनाक स्थिति जौनपुर के राजेंद्र सिंह की दिखी, जिनके दोनों बच्चों की मौत हो गई थी। सफदरजंग अस्पताल में उनकी आंखे सूख गई थी। उनके घर का चिराग ही बुझ गया।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Aug 29, 2022, 22:36 IST
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बच्चों को यदि रविवार दोपहर बाद बाहर जाने से रोक लेते तो, घर के चिराग नहीं बुझते। पांचों नोएडा के सलारपुर गांव की एक बिल्डिंग में रहते थे। आपस में सबकी दोस्ती थी और एक साथ ही दुनिया को अलविदा कर दिया।