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नेताओं का ज्यादा वजह मतलब ज्यादा भ्रष्टाचार, पढ़िए शाेधकर्ता पाव्लाे ब्लावस्की का नया शोध

सरकार के उच्च स्तरीय पदों पर बैठे नेताओं के भ्रष्ट होने या ज्यादा खाना खाने के बीच सीधा संबंध नहीं है लेकिन फ्रांस के मोंटपेलियर बिजनेस स्कूल के शाेधकर्ता पाव्लाे ब्लावस्की ने इस तथ्य पर एक दिलचस्प अध्ययन किया है। शोध का निष्कर्ष यह निकला है कि पूर्व सोवियत संघ की सरकार से जितने ज्यादा वजन वाले राजनेता हुए, वो सरकार उतनी ही भ्रष्ट निकली। हालांकिदक्षिणी इंग्लैंड के बकिंघम शायर के हाई वायकोम्बे नगर के सांसद, मेयर और पार्षद हर साल अपना वजन करवाते हैं ताकि जनता को ये बताया जा सके कि उनके टैक्स के पैसों से नेताओं का वजह नहीं बढ़ा है। पाव्लाे ब्लावस्की ने इस शोध में15 सोवियत देशों के साल 2017 के मंत्रियों की 299 फोटो पर आधारित है। शोधकर्ता नेकंप्यूटर एल्गाेरिदम के जरिए बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) का अनुमान लगाया है। शोध में जो देश शामिल किए गए हैं वो हैं- आर्मेनिया, अजरबेजान, बेलारूस, ऐस्तोनिया, जाॅर्जिया, कजाकिस्तान, रूस, किर्गिस्तान, लातविया, लिथुआनिया, यूक्रेन, माल्डाेवा, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान व उज्बेकिस्तान। शोध में पाया गया कि मंत्रियों की बॉडी मास इंडेक्स और भ्रष्टाचारों के आंकड़ों के बीच काफी संबंध है। ये भ्रष्टाचार के आंकड़ेट्रांसपैरेंसी इंटरनेशनल क्रप्शन परसेप्शन इंडेक्स, वर्ल्ड बैंक और इंडेक्स ऑफ पब्लिक इंटीग्रिटी से लिए गए हैं। शाेधकर्ता पाव्लाे ब्लावस्की नेपाया कि जिन देशाें के मंत्रियाें का बीएमआई ज्यादा था, वो अधिक भ्रष्ट देशाें में शामिल थे। शोध में पाया गया कि कुल दस नेता ऐसे हैं, जिनका बीएमआई सामान्य है और ऐसा कोई नेता नहीं था, जिसका वजन कम हो। इसके अलावा उजवेक 54 फीसदी मंत्री, ताजिकिस्तान के 44 फीसदी मंत्री और यूक्रेन के 42 फीसदी मंत्री गंभीर रुप से मोटे थे। भ्रष्टाचार के आंकड़ों के मुताबिक शोध के आधार पर तीन ऐसे देश थे जो कम भ्रष्ट थे और वो हैं-एस्टाेनिया, लिथुआना, लातविया और जाॅर्जिया। इन देशों के मंत्रियों का बॉडी मास इंडेक्स यानि कि बीएमआई भी तुलनात्मक कम था। इसके अलावा सबसे ज्यादा भ्रष्ट देशों की सूची मेंताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान शामिल हैं। जिन देशों में मंत्रियों का बॉडी मास इंडेक्स ज्यादा था वो हैं, यूक्रेन, उज्बेकिस्तान औरतुर्कमेनिस्तान। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जिन देशों में ज्यादा मोटापे वाले मंत्री हैं वहां कम वजह वाली जनसंख्या हो सकती है। इस शोध की विडम्बना यह है कि जिस देश में राजनेता जितने ज्यादा भ्रष्ट होंगे वहां की जनता उतनी स्वस्थ होगी। पाव्लाे ब्लावस्की ने लिखा कि इस परिणाम से पता चलता है कि राजनेताओं की शारीरिक विशेषताओं जैसे कि उनका बॉडी मास इंडेक्स राजनैतिक भ्रष्टाचार के लिए प्रॉक्सी वेरिएबल के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Aug 03, 2020, 13:59 IST
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