city-and-states

अमर उजाला वेबिनारः बाजार में चमकना है तो नवोन्मेष और तकनीक को कारोबार का हिस्सा बनाएं

पिछले दो महीनों में डिटर्जेंट की मांग एकाएक कम हो गई, लेकिन इसी समय हैंडवाश और सैनिटाइजर की डिमांड अप्रत्याशित रूप से बढ़ गई। केवल जाड़ों में कमाई का जरिया माना जाने वाला च्वयनप्राश गर्मियों में बिक्री के रिकॉर्ड बना रहा है। ये कुछ उदाहरण हैं, कोविड-19 के बाद उपभोक्ताओं के खरीदारी पैटर्न में आए बदलाव के और इससे पैदा हुए अवसरों के। अमर उजाला लीडरशिप सीरीज के तहत शुक्रवार को आयोजित खास वेबिनार में उत्पादन, विपणन और प्रबंधन के क्षेत्र की नामचीन शख्सियतों ने ऐसे उदाहरणों से जो राह दिखाई, वह आने वाले बाजार का आईना है। सभी विद्वान इस बात पर एकमत दिखे कि अब बाजार में चमकना है तो नवोन्मेष और तकनीक को कारोबार का मुख्य हिस्सा बनाना पड़ेगा। संचालक ने कोविड-19 के बाद उपभोक्ताओं के व्यवहार में आए बदलाव की रूपरेखा रखने के साथ इंडस्ट्री के दिग्गजों से भविष्य के बाजार पर सवाल किए। डाबर इंडिया लिमिटेड के मीडिया प्रमुख राजीव दुबे ने कहा कि अब हमें उत्पादों को फुटकर विक्रेताओं तक पहुंचाना है, जिससे वह ग्राहकों तक पहुंच सके। इन दिनों आयुर्वेदिक उत्पादों की मांग और बिक्री दोनों में बढ़ोतरी हुई है। इसीलिए कंपनी उपभोक्ताओं की मांग के अनुरूप नए उत्पाद लांच करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। लॉकडाउन और कोरोना की वजह से टीवी दर्शकों की संख्या में करीब 40 फीसदी इजाफा हुआ है। न्यूज चैनल के दर्शकों का आंकड़ा तो 300 फीसदी बढ़ गया है। आने वाले समय में वर्क फ्रॉम होम का प्रचलन बढ़ेगा। इसलिए उससे संबंधित उत्पादों के लिए अच्छा मौका है। फ्यूचर ग्रुप के सीईओ-नॉर्थ इंडिया विनीत जैन ने कहा कि उपभोक्ताओं का व्यवहार अकल्पनीय रूप से बदला है तो बाजार की प्राथमिकताएं भी बदलेंगी। अब ग्राहक सुरक्षित खरीदारी करना चाहते हैं। मास्क जिंदगी का हिस्सा बनेगा तो प्रोडक्ट भी लिपकेयर से आईकेयर में बदल जाएंगे। साथ ही बदले हालात ने ऑनलाइन बाजार में अवसर और बढ़ा दिए हैं। लॉयड के सीईओ शशि अरोड़ा ने कहा कि बाजार में अप्रत्याशित बदलाव दिखे हैं। जैसे, उम्मीद थी कि गर्मी बढ़ रही है तो एसी की मांग बढ़ेगी, लेकिन बाजार में ज्यादा मांग टीवी की है। इसका कारण है लॉकडाउन के दौरान होम इंटरटेनमेंट सेग्मेंट में अच्छी बढ़ोतरी। एफएमसीजी इंडस्ट्री में नवीनता कैसे आए, इसके लिए कंपनियों ने काम शुरू कर दिया है। उनकी कंपनी कम शोर वाले उत्पादों पर शोध कर रही है। मसलन अभी जूसर-मिक्सर से काफी आवाज आती है। कंपनी तकनीक के माध्यम से इसे कम करने पर शोध कर रही है। आईआईएम अहमदाबाद के असिस्टेंट प्रोफेसर (मार्केटिंग) रजत शर्मा का कहना है कि यही अवसर है कि उच्च शिक्षा के संस्थान फीस कम करें और ज्यादा बच्चों को अवसर देकर कमाई की भरपाई करें। रजत के मुताबिक, भारत का सकल एनरोलमेंट अनुपात 26 फीसदी है, जबकि अमेरिका में यह 86 फीसदी है। ऑनलाइन पढ़ाई पर जाने से उच्च शिक्षा में ज्यादा विद्यार्थी आ सकेंगे। डिस्कवरी की प्रबंध निदेशक (दक्षिण एशिया) मेघा टाटा ने कहा कि उद्योगों के पास बदलाव के साथ चलने के अतिरिक्त कोई विकल्प नहीं है। डिस्कवरी चैनल ने लॉकडाउन से एक दिन पहले ही अपना डी2सी उत्पाद डिस्कवरी प्लस लांच किया और इसका प्रदर्शन काफी अच्छा रहा। लॉकडाउन के दौरान अच्छा कंटेट सस्ते में तैयार हो रहा है। अच्छे प्रोग्राम बन रहे हैं, लेकिन समस्या उनसे कमाई की है। उम्मीद है दूसरी इंडस्ट्री के वापस फॉर्म में आने से मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री भी बेहतर करेगी। अमर उजाला के प्रेसीडेंट राजीव केंटल का कहना था कि अब कारोबार की सफलता हाइजीन यानी साफ-सफाई पर काफी निर्भर करेगी। संभव है कि मॉल आदि में शॉपिंग ऑन एप्वाइंटमेंट जैसे कॉन्सेप्ट भी आ जाएं। बाजार छह माह, एक साल या उससे आगे किस ओर रुख करता है, इस पर नजर रखनी होगी। उनका कहना है कि कारोबार या ब्रांड को रीजनल मार्केट में चमकाने का सबसे बेहतर माध्यम अब भी प्रिंट मीडिया यानी अखबार ही हैं।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: May 23, 2020, 06:15 IST
पूरी ख़बर पढ़ें »



अमर उजाला वेबिनारः बाजार में चमकना है तो नवोन्मेष और तकनीक को कारोबार का हिस्सा बनाएं #AmarUjalaWebinar #AmarUjalaLeadershipSeries #Covid19India #ConsumerMarket #MarketPattern #BuyingPattern #ShineupIndia